गोवर्धन धारी – गीतिका गोवर्धन की पूजा करने, निकले हैं सब नर नारी। करके मर्दन मान इंद्र का, झूम रहे[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
स्वास्थ्य बैकुंठ बिहारीस्वास्थ्य बैकुंठ बिहारी
स्वास्थ्य स्वास्थ्य का ध्यान रखिए, यह प्रकृति की अनुपम भेट है। उत्तम स्वास्थ्य ऊर्जा प्रदान करता है, अंग प्रत्यंग को[...]
ओ भैया आयल रे भैया-अवधेश कुमारओ भैया आयल रे भैया-अवधेश कुमार
ओ भैया आयल रे भैया दीपक रौशनी झल‑झल हे, नीप कै झलकै घर‑आँगन रे। बहिन अरिपन बनबै ये पीढ़ी पर[...]
ढूंढता हूं अवनीश कुमारढूंढता हूं अवनीश कुमार
“ढूंढ़ता हूं” मैं माँ की सुनी माँग में उस दमकती सुंदर आभा — ‘सिंदूर’ की वह पावन आभा ढूंढ़ता हूं,[...]
कचरे की ढेर जैनेंद्र प्रसादकचरे की ढेर जैनेंद्र प्रसाद
कचरे की ढेर समसामयिक रचना सबको दे खुशहाली, चली गई ये दिवाली, बाजारों में जमा हुई, कचरे की ढेर है।[...]
भुला नहीं हूं -बैकुंठ बिहारीभुला नहीं हूं -बैकुंठ बिहारी
भूला नहीं हूं बाल्यावस्था की शरारत भूला नहीं हूं, माता-पिता की आंखों में प्रसन्नता के अश्रु भूला नहीं हूं, किशोरावस्था[...]
गोवर्धन- राम किशोर पाठकगोवर्धन- राम किशोर पाठक
गोवर्धन- पादाकुलक छंद आधारित गीत व्रज वनिता के वासी प्यारे। मोहन नख पर पर्वत धारे।। सुरपति जमकर जल बरसाए। व्रजवासी[...]
दिवाली है आईं – मनु कुमारीदिवाली है आईं – मनु कुमारी
दिवाली है आई दीप जलाओ दीप जलाओ दिवाली है आई घर आंगन में चहुंओर अब,खुशियाली है छाई। मैं तो लूंगी[...]
दीप रश्मियांँ- राम किशोर पाठकदीप रश्मियांँ- राम किशोर पाठक
दीप रश्मियाँ- गीत ज्ञान सत्य का हुआ नहीं तो, कहते हम अज्ञानी है। दीप रश्मियाँ जहाँ नहीं है, अँध की[...]
दीपों की गरिमा अमरनाथ त्रिवेदीदीपों की गरिमा अमरनाथ त्रिवेदी
दीपों की गरिमा दीप उम्मीद की किरण है , जो सपनों को जगाती । दिल मे प्रकाश भरकर , मन मे उजास लाती[...]
