देश हमारा सबसे प्यारा। देश धर्म पर बलि- बलि जाओ। एक साथ सब मिलकर गाओ। प्यारा भारत देश हमारा। झंडा ऊंचा रहे हमारा। देश को आजादी दिलाने के लिए। जिन…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
हरियाली -रामकिशोर पाठक
हरियाली- रासा छंद गीत शब्दों से आज चीखना है। वृक्ष लताओं से लिखना है।। जब धरती पर हरियाली हो। मौसम मन भाने वाली हो।। शुद्ध हवा पानी सब पाए। पुलकित…
आओ नूतन गान लिखे बिंदु अग्रवाल
आओ नूतन गान लिखें आओ नूतन गान लिखें हम एक नया अभियान लिखें। अंतरमन के भेद मिटा हर होठों पे मुस्कान लिखें।। नये वर्ष में नया गीत नव कलियों का…
समय का महत्व – आशीष अम्बर
समय का महत्व समय का सबसे कहना है, जीवन चलते रहना है । इसको मत बरबाद करो , सदा काम की बात करो । कल – कल नदियाँ बहती हैं,…
शून्य दिवस नीतू रानी
-शून्य दिवस। आज है शून्य दिवस, जैसे बिना यात्री का बस। शून्य का मतलब गोल और खाली, जैसे दिखता सूरज की लाली। शून्य का मतलब एक बिंदु होता, जिससे एक…
प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प सफाई काध्यान रूप घनाक्षरी छंद पूजा बाद फल फूल नदियों में बहाकर, प्रदूषण बढ़ाने में, करते हैं योगदान। पवित्र जलाशयों में त्याग कर मल-मूत्र, अपवित्र जल में ही,…
खिचड़ी -रामपाल प्रसाद
खिचड़ी खिचड़ी मन में पक रही,बिना किसी आधार। घर में पकती आज तो,बहती है रसधार।। बहती है रसधार,आज का दिन है पावन। लटती मस्त पतंग,गगन में लगे लुभावन।। व्यंजन दिखते…
अंजाम होता है -रामकिशोर पाठक
अंजाम होता है- गजल १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ सदा ही कर्म अच्छे का सुखद अंजाम होता है। किया जिसने यहाँ ऐसा जगत में नाम होता है।। नहीं कोई यहाँ जिसका कभी उसको न…
मिथिला हाट -मनु कुमारी
मिथिला हाट सीता माय के पावन जन्मभूमि , मधुबनी झंझारपुर । ताहि में बनल अछि मिथिला हाट । गेलों घुमय सपरिवार। दुई बजे सब ओतय पहुंचलों । ओतय देखय छी…
प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प विविध त्योहार मनहरण घनाक्षरी छंद मानते हैं लोग साथ, लोहड़ी पोंगल बिहू, मकर संक्रांति जैसे, विविध त्योहार हैं। प्रयाग में कल्पवास, पातक का करे नाश, जाने से बदल…