देश हमारा सबसे प्यारा-आशीष अम्बर

देश हमारा सबसे प्यारा। देश धर्म पर बलि- बलि जाओ। एक साथ सब मिलकर गाओ। प्यारा भारत देश हमारा। झंडा ऊंचा रहे हमारा। देश को आजादी दिलाने के लिए। जिन…

शून्य दिवस नीतू रानी

-शून्य दिवस। आज है शून्य दिवस, जैसे बिना यात्री का बस। शून्य का मतलब गोल और खाली, जैसे दिखता सूरज की लाली। शून्य का मतलब एक बिंदु होता, जिससे एक…

प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद

प्रभाती पुष्प सफाई काध्यान रूप घनाक्षरी छंद पूजा बाद फल फूल नदियों में बहाकर, प्रदूषण बढ़ाने में, करते हैं योगदान। पवित्र जलाशयों में त्याग कर मल-मूत्र, अपवित्र जल में ही,…

खिचड़ी -रामपाल प्रसाद

खिचड़ी खिचड़ी मन में पक रही,बिना किसी आधार। घर में पकती आज तो,बहती है रसधार।। बहती है रसधार,आज का दिन है पावन। लटती मस्त पतंग,गगन में लगे लुभावन।। व्यंजन दिखते…

अंजाम होता है -रामकिशोर पाठक

अंजाम होता है- गजल १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ सदा ही कर्म अच्छे का सुखद अंजाम होता है। किया जिसने यहाँ ऐसा जगत में नाम होता है।। नहीं कोई यहाँ जिसका कभी उसको न…

प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद

प्रभाती पुष्प विविध त्योहार मनहरण घनाक्षरी छंद मानते हैं लोग साथ, लोहड़ी पोंगल बिहू, मकर संक्रांति जैसे, विविध त्योहार हैं। प्रयाग में कल्पवास, पातक का करे नाश, जाने से बदल…