शीर्षक – आज की युवा किसी को तुम मिटाते हो, कोई तुमको मिटाता है।। ये वक्त की वो आंधी है, जिसमें सब लुभाते है।। ना किसी को है सम्मान गर…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
अच्छे बच्चे सच्चे बच्चे -आशीष अम्बर
बाल कविता शीर्षक : अच्छे बच्चे- सच्चे बच्चे । अच्छे बच्चे सत्य बोलते , सच से सबकी आँख खोलते । अच्छे बच्चे मन के सच्चे, करते नही शिकायत बच्चे ।…
कलम -रामपाल प्रसाद सिंह
कलम । मनहर घनाक्षरी शब्द-शब्द जड़कर,छंद चंद लिखकर, कागज जो कार करे, कलम बेचारी है। चलाती निशाने तीर,बदलती तकदीर, तोडी़ गुलामी जंजीर, यह सदाचारी है। मानस में भाव फले,कलम की…
देखो बसंत है -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
देखो बसंत है। देखो बसंत आया मीठी मीठी ठंड है, फाग धुन गा रहा क्यों देखो मकरंद हैं। हवा बासंती यह लाई अब सुगंध है, मन के मयूर देख नाचे…
पायल रामकिशोर पाठक
पायल- कहमुकरी हर स्वर कानों को प्रिय लगता। सुनते ही जैसे चित ठगता।। हो जाती मेरा दिल घायल। क्या सखि? साजन! न सखी! पायल।।०१।। भाता तन से लिपटे रहना। आलिंगन…
उड़ी वासंती खुशबू -आशीष अम्बर
विधा – कविता उड़ीं वासंती खुशबू । पीत वसन ओढ़े धरा, अंबर दिखता लाल , टेसू सरसों खिल गए , मौसम बदले चाल । तन चढ़ता आनंद है, मन वासंती…
होली आई -ब्यूटी कुमारी
होली आई होली आई होली आई, खुशियों की सौगात लाई। रंगों की बौछार लाई, सबको हमने गुलाल लगाई। पूआ और मिठाई खाई, होली आई होली आई, खुशियों की सौगात लाई।…
गर्मी आई -नीतू रानी
विषय -गर्मी आई। शीर्षक -झटपट भागा ठंडा भाई। झटपट भागा ठंडा भाई, लेके कंबल और रजाई। स्वेटर पहनकर जैसे- तैसे भागा , जैसे उड़ता काला कागा। छोड़ गया वह पतला…
सामाजिक न्याय _रामकिशोर पाठक
सामाजिक न्याय- दोहा छंद गीत न्याय शब्द ही गूढ़ है, कैसे करें बखान। पाना सब हैं चाहते, मुश्किल होना मान।। समता इसका मूल है, बड़ा कठिन सा कार्य। स्वार्थ रहित…
बाल कविता -आशीष अम्बर
बाल कविता शीर्षक : अच्छे बच्चे- सच्चे बच्चे । अच्छे बच्चे सत्य बोलते , सच से सबकी आँख खोलते । अच्छे बच्चे मन के सच्चे, करते नही शिकायत बच्चे ।…