म्याऊं म्याऊं म्याऊं लेखक कार्तिक कुमार म्याऊं म्याऊं म्याऊं, आई बिल्ली रानी गांव। धीरे-धीरे चलती जाती, दूध मलाई खूब ही[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
हे गणेश – रामकिशोर पाठकहे गणेश – रामकिशोर पाठक
हे गणेश- स्वागता छंद वर्णिक गीत हे गणेश! पद पंकजधारी। दृष्टि खास जग मंगलकारी।। हे महेश सुत आज पधारो। नाथ[...]
वट सावित्री -रामपाल प्रसाद सिंहवट सावित्री -रामपाल प्रसाद सिंह
वट सावित्री व्रत। कर सोलह शृंगार से,प्रकट स्वर्ग निज द्वार। हे नारी!तू धन्य है,कितना पति से प्यार।। कितना पति से[...]
कुंडलियां -रामकिशोर पाठककुंडलियां -रामकिशोर पाठक
कविता- कुंडलिया कविता के प्रति मोह से, वनिता होती रुष्ट। वनिता को जब खुश करें, कविता कहती दुष्ट।। कविता कहती[...]
वट पूजन रामकिशोर पाठकवट पूजन रामकिशोर पाठक
वट-पूजन:- बाल कविता (मनोरमा छंद गीत) माँ बतलाओ कैसी विधान है। खोज रही क्या वट में निदान है।। बालों में[...]
आज झुकेगी विनयी डाली -रामपाल प्रसाद सिंहआज झुकेगी विनयी डाली -रामपाल प्रसाद सिंह
आज झुकेगी विनयी डाली। जेष्ठ अमावस दिन पावन को।क्या कहने मन के सावन को।। भोर हुई छाई खुशियाली।आज झुकेगी विनयी[...]
वटवृक्ष की पत्नी कहती है नीतू रानीवटवृक्ष की पत्नी कहती है नीतू रानी
विषय- वटसावित्री त्योहार शीर्षक -वटवृक्ष की पत्नी कहती है। वटवृक्ष की पत्नी कहती है क्या यही है वटसावित्री का त्योहार,[...]
भारतीय योग भाषा उत्सव -कार्तिक कुमारभारतीय योग भाषा उत्सव -कार्तिक कुमार
भारतीय योग भाषा उत्सव 14.05.2026 भारतीय योग भाषा उत्सव आयल, ज्ञान-योग के दीप जलायल। सोनाली मीठ सुर में गावे, सोनाक्षी[...]
भारतीय भाषा उत्सव – कार्तिक कुमारभारतीय भाषा उत्सव – कार्तिक कुमार
भारतीय भाषा उत्सव प्रस्तुति – कार्तिक कुमार छोटकी बुचिया पढंल हमार नन्ही बुचिया पढ़े-लिखे, हो जाव होशियार, ज्ञान के जोती[...]
सज्जन कैसे जी सके -राम किशोर पाठकसज्जन कैसे जी सके -राम किशोर पाठक
सज्जन कैसे जी सके- दोहा छंद गीत भ्रष्टाचारी बोलते, करके हर-पल शोर। सज्जन कैसे जी सके, बने नहीं जो चोर।।[...]
