Author: Dr Snehlata Dwivedi

Jainendra

ममतामई मां -जैनेंद्र प्रसाद रविममतामई मां -जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 1:30 pm

प्रभाती पुष्प ममतामई मांँ कलाई में शोभता है- कंगन व बाजूबंद, मनमोहता है देवी, माता का सिंगार है। जिज्ञासु श्रद्धालु[...]

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Ram Kishor Pathak

हे शुभंकरी -रामकिशोर पाठकहे शुभंकरी -रामकिशोर पाठक

0 Comments 1:23 pm

हे शुभंकरी सुधा त्रिधा त्वम् गायत्री। सती शिवा त्वम् सावित्री।। त्वयि नंदजा राधा त्वम् भक्तवत्सला आद्या त्वम् आदिशक्ति शक्ति दात्री।[...]

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जय स्कंदमाता -डॉ स्नेहलता द्विवेदीजय स्कंदमाता -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 3:08 pm

जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन[...]

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माँ जब भजते- तीव्र अश्वगति छंद – राम किशोर पाठकमाँ जब भजते- तीव्र अश्वगति छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:09 pm

माँ जब भजते- तीव्र/अश्वगति छंद साधक याचक सा मन लेकर, धीरज धरते। माँ उनके घर आँगन आकर, कौतुक करते।। माँ[...]

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भारत की बेटी -रिंकु कुमारीभारत की बेटी -रिंकु कुमारी

0 Comments 8:03 pm

मां हमें भारत की बेटी बनकर जीने दो रश्मों रिवाज की जंजीर तोड़कर आगे बढ़ने दो लाचार बनकर अब हमें[...]

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रामपाल प्रसाद सिंह – वंदनवार सजे शारदारामपाल प्रसाद सिंह – वंदनवार सजे शारदा

0 Comments 8:47 am

वंदनवार सजे शारदा चतुर्थ दिन छाया शुभ जग में,कुष्मांडा तेरी जय हो। नर-नारी निर्भय नाचत है,हृदय-सिंधु पावनमय हो।। लीला तेरी[...]

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Ram Kishor Pathak

चरण वंदना कुर्म: – राम किशोर पाठकचरण वंदना कुर्म: – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:22 am

चरण वंदना कुर्म: मातृ रूपम् दृशद सर्व: मे चरण वंदना कुर्म: जगत जननी गृहे अद्य निराकारा प्रकट अद्य शरद काले[...]

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जय मां कूष्मांडा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याजय मां कूष्मांडा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 8:07 am

जय माँ कुष्मांडा🙏🌹 पुष्पों सी है मुस्कान तेरी, माँ ईषत हास्य से जग जननी। ब्रम्हाण्ड के उद्भव शान तेरी, तू[...]

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मां चंद्रघंटा -डॉ स्नेहलता द्विवेदीमां चंद्रघंटा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 6:30 pm

माँ चंद्रघंटा 🌹🙏 अनंत ज्योति जगमग दृग अंगा, स्वर्ण बदन सुवर्ण सुनंदा। शोभे अर्धचन्द्र अतिरंगा, सुयश सुवासित मातु आनंदा। दश[...]

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वंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंहवंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 12:13 pm

वंदनवार सजे शारदा प्रदीप छंद चंद्रघंटा प्रथम शैलजा स्वागत सर्वत:,ब्रह्मचारिणी नाम का। रूप तृतीया सौरभ छाया,दिव्य लोक सुरधाम का।। शक्तिपुंज[...]

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