Author: Dr Snehlata Dwivedi

Arvind Kumar Amar

नन्हें परिंदे -अरविंद कुमारनन्हें परिंदे -अरविंद कुमार

0 Comments 7:22 pm

नन्हें परिंदे अरविंद कुमार, भरगामा, अररिया की कलम से अभी मैं जिंदा हूं , लेकिन मेरा अस्तित्व खतरे में है[...]

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Ram Kishore Pathak

दिखे की दुखी तुझको -रामकिशोर पाठकदिखे की दुखी तुझको -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:07 pm

दिखे कोई दुखी तुझको उसे गम से निकाला कर- गजल दिखे कोई दुखी तुझको उसे गम से निकाला कर। बिना[...]

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Ram Kishore Pathak

दोहा विधान रामकिशोर पाठकदोहा विधान रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:49 pm

दोहा विधान आओं हम सीखा रहे, दोहा लिखना खास। सरल तरीका है यही, करना है अभ्यास।।०१।। जान रहा हूँ मैं[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

बिहार दिवस -रामपाल प्रसाद सिंहबिहार दिवस -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 7:39 pm

बिहार दिवस। हरि गीतिका छंद में। रुकता नहीं बढ़ता सदा रथ,नव नवीन बिहार है। जो पूर्व-उत्तर में अवस्थित,देश का श्रृंगार[...]

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Ram Kishore Pathak

दोहा रचना कीजिए -रामकिशोर पाठकदोहा रचना कीजिए -रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:37 pm

दोहा रचना कीजिए – एक प्रयास दोहा रचना जब करें, रखिए इतना ध्यान। मात्रा गिनती स्वर सभी, व्यंजन का न[...]

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Ram Kishore Pathak

कैसे आए शांति -रामकिशोर पाठककैसे आए शांति -रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:16 am

कैसे आए शांति- सरसी छंद गीत गद्दारों की फौज खड़ी हैं, जो फैलाती भ्रांति। विकट समस्या आज जगत् की, आए[...]

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Ram Kishore Pathak

बीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठकबीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:13 am

चैत्र- राधिका छंद गीत बीत गया फागुन माह, चैत है आया। महुआ का मादक गंध, प्रीत भर लाया।। नूतन आता[...]

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यही है सार जीवन का -एस. के. पूनमयही है सार जीवन का -एस. के. पूनम

0 Comments 9:02 am

विधा:-विधाता छंद। (यही है सार जीवन का) यहाँ सीखा, रहो मिलकर, न जीओ तुम, निराशा में। पढ़ी सरगम, उमंगों की,[...]

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