हनुमान -रामकिशोर पाठक

हनुमान- कहमुकरी संग कभी भय नहीं सताता। साहस मुझमें भी उपजाता।। शंका का करता समाधान। क्या सखि? साजन! न सखि! हनुमान।।०१।। सबसे ज्यादा है बलशाली। तन पर डाले फिरता वाली।।…

मानवता -बैकुंठ बिहारी

मानवता दूसरों का सम्मान, करने का नाम है मानवता। परिजनों का सत्कार, करने का नाम है मानवता। याचक की याचना, सुनने का नाम है मानवता। कष्ट से जूझते की, मदद…

विदाई -नीतू रानी

विषय -विदाई। शीर्षक -पच्चीसवाँ साल केअ होय येअ विदाई। पच्चीवाँ साल केअ होय येअ विदाई, गाबू समदाउन हे दाई माई। बहुत घर में देलक सुख बहुत घर में देलक दुःख,…

श्री जी -कुमकुम कुमारी काव्याकृति

श्री जी अद्भुत छवि है श्री जी तेरी, हटती नहीं नजरिया। माथे कुमकुम दमक रही है, नैनों में साँवरिया।। हो गई बावरी आके मैं, वृषभानु की नगरिया। शाश्वत चमक लुटा…

नव वर्ष -मनु कुमारी

नववर्ष पर प्रार्थना हे प्रभु इस नववर्ष में हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि – संसार के समस्त चर -अचर प्राणी सुखी हों सभी निरोग रहें। हमारी अज्ञान रूपी अन्धकार…