नन्हें परिंदे अरविंद कुमार, भरगामा, अररिया की कलम से अभी मैं जिंदा हूं , लेकिन मेरा अस्तित्व खतरे में है[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
दिखे की दुखी तुझको -रामकिशोर पाठकदिखे की दुखी तुझको -रामकिशोर पाठक
दिखे कोई दुखी तुझको उसे गम से निकाला कर- गजल दिखे कोई दुखी तुझको उसे गम से निकाला कर। बिना[...]
मूल्यांकन -मनु कुमारीमूल्यांकन -मनु कुमारी
मूल्यांकन ( कविता) मुस्कानों से भरा हुआ हर एक चेहरा, मन में उमंग, न कोई डर का बसेरा। मूल्यांकन का[...]
दोहा विधान रामकिशोर पाठकदोहा विधान रामकिशोर पाठक
दोहा विधान आओं हम सीखा रहे, दोहा लिखना खास। सरल तरीका है यही, करना है अभ्यास।।०१।। जान रहा हूँ मैं[...]
खत -रामकिशोर पाठकखत -रामकिशोर पाठक
खत – विधाता छंद रखा खत में कभी मैंने, हृदय को खोलकर अपना। लिखा कुछ शब्द जो मैंने, वही तो[...]
बिहार दिवस -रामपाल प्रसाद सिंहबिहार दिवस -रामपाल प्रसाद सिंह
बिहार दिवस। हरि गीतिका छंद में। रुकता नहीं बढ़ता सदा रथ,नव नवीन बिहार है। जो पूर्व-उत्तर में अवस्थित,देश का श्रृंगार[...]
दोहा रचना कीजिए -रामकिशोर पाठकदोहा रचना कीजिए -रामकिशोर पाठक
दोहा रचना कीजिए – एक प्रयास दोहा रचना जब करें, रखिए इतना ध्यान। मात्रा गिनती स्वर सभी, व्यंजन का न[...]
कैसे आए शांति -रामकिशोर पाठककैसे आए शांति -रामकिशोर पाठक
कैसे आए शांति- सरसी छंद गीत गद्दारों की फौज खड़ी हैं, जो फैलाती भ्रांति। विकट समस्या आज जगत् की, आए[...]
बीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठकबीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठक
चैत्र- राधिका छंद गीत बीत गया फागुन माह, चैत है आया। महुआ का मादक गंध, प्रीत भर लाया।। नूतन आता[...]
यही है सार जीवन का -एस. के. पूनमयही है सार जीवन का -एस. के. पूनम
विधा:-विधाता छंद। (यही है सार जीवन का) यहाँ सीखा, रहो मिलकर, न जीओ तुम, निराशा में। पढ़ी सरगम, उमंगों की,[...]
