बगिया (बिहारी मोमोज) – मनु कुमारी
बगिया !
मिथिलाक व्यंजन ,पौष्टिकता सौं भरपूर ।
घूर तापू सब मिल बगिया खाउ जरूर।।
इ अछि मिथिलाक समृद्ध, पाककला के निशानी।
एकरा प्रेम सं बनाबै छथि दादी नानी।
बगिया के अछि विविध प्रकार ।
चाहे बनाउ कोनो आकार।।
दायलबगिया, गुड़ बगिया, तिल बगिया, खोया बगिया,
आलू बगिया, तिसीबगिया , सत्तू बगिया,
दूध बगिया, सादी बगिया।
साग, सब्जी, चटनी ,अचार संग खाय ननदिया।
पूस महिनाक व्यंजन खास। रिश्ता में घोलय अछि परम मिठास।।
बगिया होइत अछि प्रोटीन युक्त।
ठंडी महिना में होइत अछि बेसी प्रयुक्त।।
संस्कृति त्योहार में कहाबै प्रवीण।
खाय में बच्चा बुदरू रहय तल्लीन।।
आबू सब कियौ खाऊ बगिया।
जाउ बिछान पर सिर धरू तकिया।।
स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी, विशिष्ट शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी, राघोपुर, सुपौल
