बिहार की धरती, ज्ञान की खान,
इतिहास में इसका ऊँचा मान।
नालंदा की गूँज आज भी है,
ज्ञान का दीप यहाँ सदा प्राण।
गाँव-गाँव में सड़कें आईं,
हर घर तक अब रोशनी छाई।
शिक्षा, स्वास्थ्य में बढ़ते कदम,
नई दिशा ने राह दिखाई।
खेती में आई नई तकनीक,
हरियाली से सजी हर एक।
किसान बना अब आत्मनिर्भर,
मेहनत से बदली उसकी रेख।
उद्योगों का बढ़ता विस्तार,
युवाओं को मिलता रोजगार।
नए सपनों की उड़ान लिए,
बढ़ रहा बिहार हर बार।
बेटी-बेटा साथ बढ़ें अब,
शिक्षा का फैला है उजियार।
नव निर्माण की राह पे चलकर,
बन रहा विकसित बिहार।
प्रस्तुति:
कार्तिक कुमार
मध्य विद्यालय कटरमाला, गोरौल, वैशाली
7004318121

