विषय -सूरज उगले आग
सूरज उगले आग
खेत में सूख रहे सब्जी साग,
हरे -भरे बगीचों में जैसे
लग गये हैं आग।
लोग सड़क पर छाता लेकर चलते
रखकर अपने माथे पर पाग,
मुँह को कपड़े से ढंकते
धूप से कहीं पर जाए न दाग।
गर्मी में लू से बचने को
खा रहे बनाके हरी सब्जी साग,
तेल मसाले कम कर दिए खाना
नहीं तो पेट में लगेगी आग।
सूरज उगले आग 🌞
घर से बाहर न निकलना,
आम को पकाकर उसका
तुम रोज शरबत पीना।
भोजन में आम की चटनी एक टुकड़ा प्याज का खाना,
हाथ में छाता लेकर हीं
बाजार तुम जाना।
सूरज उगले आग
घर में घूस रहा काला नाग,
साफ- सफाई रहना
नही तो डसेगा नाग।
नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका।
स्कूल -म०वि०रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।

