सागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अथाह मन का मीत यहाँ पर, यह जग सारा खारा है, सीने में[...]
Category: काव्य लेखन
मातृशक्ति – बेबी अर्चनामातृशक्ति – बेबी अर्चना
मातृशक्ति – बेबी अर्चना हे मातृशक्ति अब जाग भी जाओ, कर निज-अस्तित्व की तू पहचान। बन सबला कर निज पथ-[...]
हरिगीतिका छंद – रामपाल प्रसादसिंह अनजानहरिगीतिका छंद – रामपाल प्रसादसिंह अनजान
हरिगीतिका छंद – रामपाल प्रसादसिंह अनजान सिद्धिदात्री आकीर्ण तेरी सिद्धियों से, जब चराचर था दुखी। शिव ने किया मनुहार तुझसे,[...]
सिद्धिदात्री – बेबी अर्चनासिद्धिदात्री – बेबी अर्चना
सिद्धिदात्री – बेबी अर्चना जयति जय हे सिद्धिदात्री भवानी, मम कष्ट हरो हे माँ कल्याणी। तू शक्तिस्वरूपा अति बलशाली, गौर[...]
अटल विश्वास – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअटल विश्वास – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
अटल विश्वास – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर टूटे हैं स्वप्न कई, पर आँखों में अभी अंगार बाकी है, हालात के बंधनों[...]
“महागौरीति चाष्टमम” – अरविंद मिश्र “नीरज”“महागौरीति चाष्टमम” – अरविंद मिश्र “नीरज”
“महागौरीति चाष्टमम” – अरविंद मिश्र “नीरज” सौम्य सुंदर स्वरूप मधुर मोहक अनूप, माथ चन्द्रमाक ज्योतिसँ जगमग मुकूट। महागौरी बृषभ पर[...]
नारी : सम्मान या आडंबर? – एंजल कुमारीनारी : सम्मान या आडंबर? – एंजल कुमारी
नारी : सम्मान या आडंबर? – एंजल कुमारी मंदिर में पूजे देवी को, बाहर डालते कुदृष्टि, क्यों करते नारी का[...]
कन्या पूजन – बेबी अर्चनाकन्या पूजन – बेबी अर्चना
कन्या पूजन – बेबी अर्चना अष्टमी को सब करते हो कन्या पूजन बाद उसके फिर क्यों बदल जाता मन पाशविक[...]
“सप्तमं कालरात्रीति” – अरविंद मिश्र “नीरज”“सप्तमं कालरात्रीति” – अरविंद मिश्र “नीरज”
“सप्तमं कालरात्रीति” – अरविंद मिश्र “नीरज” गुज गुज अन्हार सन रूप विकराल केने, मृत्युकेँ परास्त केने काल बेतहास केने। गर्धव[...]
दस सिरों का रावण – राकेश कुमारदस सिरों का रावण – राकेश कुमार
दस सिरों का रावण – राकेश कुमार दशहरा आया, शंख बजाओ, गूँजे जय-जयकार, मन के रावण को भी मारो, यही[...]
