माँ जब भजते- तीव्र/अश्वगति छंद साधक याचक सा मन लेकर, धीरज धरते। माँ उनके घर आँगन आकर, कौतुक करते।। माँ[...]
Category: छंद
वंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंहवंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंह
वंदनवार सजे शारदा प्रदीप छंद चंद्रघंटा प्रथम शैलजा स्वागत सर्वत:,ब्रह्मचारिणी नाम का। रूप तृतीया सौरभ छाया,दिव्य लोक सुरधाम का।। शक्तिपुंज[...]
छंद -रामपाल प्रसादछंद -रामपाल प्रसाद
शीतलता के बीच बहाती,रहती तू रस-धार है! नीले-नीले नभ-मंदिर से,हे माते!हो जा प्रकट, उत्कट प्रत्याशा में ॲंखियाॅं,राह तकी है एकटक।[...]
है मान बाकी राम किशोर पाठकहै मान बाकी राम किशोर पाठक
है मान बाकी – शिखंडिनी छंद किसे हम कहें, बातें पुरानी। रहा कुछ नहीं, बाकी कहानी।। जिन्हें सुबह से, ढूँढा[...]
कर्मठ संस्कारी बच्चे -जैनेंद्र प्रसादकर्मठ संस्कारी बच्चे -जैनेंद्र प्रसाद
कर्मठ संस्कारी बच्चे बाल सृजन रूप घनाक्षरी छंद में कर्मठ संस्कारी बच्चे, कहलाते हैं वे अच्छे, सबसे अलग निज, बनाते[...]
महाकाल -जैनेन्द्र प्रसादमहाकाल -जैनेन्द्र प्रसाद
महाकाल की देवघर सोमनाथ, काशी व अमरनाथ, उज्जैन नगर बीच, बसे महाकाल हैं। भोलेनाथ उमापति, बनके जगतपति, शरणागत भक्तों का-वे[...]
दुर्लभ गुरु ज्ञान – जैनेंद्र प्रसाद रविदुर्लभ गुरु ज्ञान – जैनेंद्र प्रसाद रवि
दुर्लभ गुरु ज्ञान है मित्र-पुत्र माता-पिता- मिलते हैं सौभाग्य से, गुरु तो साक्षात कृष्ण, राम के समान हैं। हजारों जन्मों[...]
गुरु से विनय – राम किशोर पाठकगुरु से विनय – राम किशोर पाठक
गुरु से विनय- किशोर छंद गीत हम-सब छोटे बालक पढ़ने, आएँ हैं। गुरुवर लाख बुराई हममें, पाएँ हैं।। सारे छोड़े[...]
पितृ तर्पण -राम किशोर पाठकपितृ तर्पण -राम किशोर पाठक
पितृ तर्पण – निश्छल छंद देख रहें हैं पूर्वज अपने, करिए जाप। भूल गए या याद किए हैं, उनको आप।।[...]
स्वास्थ्य रक्षा -राम किशोर पाठकस्वास्थ्य रक्षा -राम किशोर पाठक
स्वास्थ्य रक्षा – सरसी छंद स्वास्थ्य हमारा सही रहे तो, रहती है मुस्कान। काम समय से होता रहता, मिलती नव[...]
