Category: बाल कविता

Vivek

कबाड़ से जुगाड़- विवेक कुमारकबाड़ से जुगाड़- विवेक कुमार

0 Comments 7:53 am

बच्चों की आस हूं, रहता उनके पास हूं, सीखने सिखाने में उस्ताद हूं, हर पल देता उनको दाद हूं, देश[...]

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Jaykrishna

मिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवानमिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:24 pm

मैं मिट्टी हूं मगर एक आकार का प्यासा हूँ। कोमल हाथों से एक आकृति प्रदान कर दीजिए।। मैं इस उपकार[...]

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Suresh-kumar-gaurav

सोन चिरैया गौरैया – सुरेश कुमार गौरवसोन चिरैया गौरैया – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:16 pm

वर्तमान में पक्षी जगत की गौरैया अब विलुप्ति के कगार पर है। कहां चली गई कभी मेरे घर की मुंडेर[...]

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Beauty

मछली रानी- ब्यूटी कुमारीमछली रानी- ब्यूटी कुमारी

0 Comments 7:19 pm

मछली रानी बड़ी सयानी मत कर तू मनमानी। कितने सुंदर शल्क हैं तेरे कोमल तन को ढकता। गिल्स से सांस[...]

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Nawab

आलू की असलियत कि इंसानी फितरत- नवाब मंजूरआलू की असलियत कि इंसानी फितरत- नवाब मंजूर

0 Comments 7:02 pm

( भोजपुरी तड़का ) आलू जवन लाल हो जाला कमाल हो जाला एकदमे गुलाल हो जाला फूल के गुलाब हो[...]

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Jainendra

बाल मन- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बाल मन- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:57 pm

बिस्किट मिठाई केक, नौनिहालों को भाते हैं, जहाँ हों खिलौने-टॉफी, आंखें उसी ओर हैं। कोई भी मौसम रहे, खुशियों की[...]

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Ranjeet Kushwaha

जंगल में विद्यालय- रणजीत कुशवाहाजंगल में विद्यालय- रणजीत कुशवाहा

0 Comments 8:55 pm

शिक्षा बना बाजारवाद का आलय। जंगल में खुला ग्लोबल विद्यालय।। जब जंगल में विद्यालय खुला। प्रचार प्रसार खुब जमके हुआ।।[...]

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Ranjeet Kushwaha

वर्षा रानी- रणजीत कुशवाहावर्षा रानी- रणजीत कुशवाहा

0 Comments 8:53 pm

खुब बरसों प्यारी वर्षा रानी। पग-पग कर दो पानी-पानी।। बादलों से मोरों को नचा ओ। मेंढक की टर्र – टर्र[...]

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