राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत राष्ट्र हेतु हम, मिट जाएँ। राष्ट्र-भक्त हम, कहलाएँ।। आओ मिलकर, पले यहाँ। कदम[...]
Category: शैक्षणिक
शिक्षा का दीप…राम किशोर पाठकशिक्षा का दीप…राम किशोर पाठक
शिक्षा का दीप जलाना है- गीत अब सबको राह दिखाना है। शिक्षा का दीप जलाना है।। चाहत सबकी नभ को[...]
तोटक छंद वर्णिक-रामपाल प्रसाद सिंहअनजानतोटक छंद वर्णिक-रामपाल प्रसाद सिंहअनजान
तोटक छंद वर्णिक(112) 112-112-112-112 दो चरण सम तुकांत दिन में दिखते मन के सपने। हिय में रहने लगते अपने।। रचने[...]
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठकसंस्मरण गीत – राम किशोर पाठक
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठक चंद पैसों में भली वह, जिंदगी जीते हुए। आ रही है याद[...]
हम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता- मृत्युंजय कुमारहम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता- मृत्युंजय कुमार
हम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता, बच्चों के हैं भाग्य विधाता। बच्चों को देते शिक्षा,संस्कार और अनुशासन का ज्ञान, हम शिक्षक[...]
शंख नाद करो – डाॅ उषा किरणशंख नाद करो – डाॅ उषा किरण
उठो तुम! हुंकार भरो! अन्याय का प्रतिकार करो! भेद कर घन तिमिर को, चहुंँओर प्रकाश भरो! छवि तोड़ तुम अबला[...]
आमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठकआमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठक
आमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठक आमोद हारी मुरारी सुनो भक्त का, भक्त[...]
हेलो अक्टूबर अवधेश कुमारहेलो अक्टूबर अवधेश कुमार
हेलो अक्टूबर : मेरे बगीचे से : बाल कविता अक्टूबर आया लेकर मौसम सुहाना सा, सूरज मृदु , नभ नीला[...]
मन:स्थितिमन:स्थिति
मन:स्थिति मन चंचल है द्रुतगामी है, अकल्पनीय है इसकी स्थिति, कभी व्यथित कभी विचलित, अबूझ है इसकी स्थिति, कभी आत्मकेंद्रित,[...]
शरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झाशरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झा
शरद पूर्णिमा की रात सुहावन, है अति मनभावन, चंद्रमा की चांदनी, उजाला, शीतलता, है अति पावन, चंद्रदेव अमृत-वृष्टि हैं कर[...]
