लगन सदा मन राम लगाओ- चौपाई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

लगन सदा मन राम लगाओ विधा: चौपाई “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जब-जब भाव कथा मन आवै। तब- तब प्रेम राम मन भावै।। प्रभुवर के गुण जो मन गाता। सब सुख-शांति सदा वह पाता।।०१…

सीतासोहर – मनु कुमारी

सुन्दर सुभग मिथिला धाम से, पावन पवित्र भूमि रे। ललना रे जहां बसु राज विदेह, प्रजा प्रतिपालक रे। चकमक मिथिलाक मन्दिर, खहखह लागै गहबर रे। ललना रे सिया अइली धरती…

सनातन धर्म – गिरीन्द्र मोहन झा

धर्म जिसे कहते हैं। वह सनातन, शाश्वत, परित: है। धर्म वह है, जिससे हो, सबका सर्वांगीण विकास। सद्गुणों को धारण करे, फैले उच्च आदर्श का उजास। सनातन धर्म सहिष्णुता, प्रेम,…