Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Ratna Priya

शिव-शक्ति-रत्ना प्रियाशिव-शक्ति-रत्ना प्रिया

0 Comments 10:38 am

कल्याण करते हैं जगत् का  शिव आदिदेव अनंत हैं  परब्रह्म हैं, परमेश्वर हैं  अनुप्राणित दिग्-दिगंत हैं । शिव गंड्ग की[...]

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Ram Kishore Pathak

भोलेनाथ हो-राम किशोर पाठकभोलेनाथ हो-राम किशोर पाठक

0 Comments 5:59 pm

लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो। है हैरत में दुनिया सारी, अद्भुत रूप निहारी, शशिधर माथ[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 5:55 pm

क्षितिज लालिमा की झलक,संपूरित उल्लास। नभचर थलचर चेतना,भरतीं हैं हुल्लास।। सारी सृष्टि सजी-धजी,निकलेगी बारात। गाजे-बाजे में खिले,दानव-मानव जात।। जय-जय हे[...]

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Jainendra

भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:55 am

विश्वनाथ मम नाथ मुरारी। त्रिभुवन महिमा विदित तुम्हारी।। कौशल्या नंदन बन रघुकुल आये, नीर निधि के बीच द्वारिका बसाये, कोई[...]

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ashish amber

कविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बरकविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बर

0 Comments 3:57 pm

कविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बर गीत हजारों लिखे गये सब पड़े पुराने, देखो आया फिर बसंत[...]

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Manu Raman Chetna

मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारीमन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी

0 Comments 7:53 pm

एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर[...]

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Ram Kishore Pathak

आया है गणतंत्र हमारा – राम किशोर पाठकआया है गणतंत्र हमारा – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:35 pm

आया है गणतंत्र हमारा- सरसी छंद गीत जन-गण-मन हो सुंदर अपना, आओ प्यारे संग।आया है गणतंत्र हमारा, भरने नवल उमंग।।[...]

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Ram Kishore Pathak

कश्यप नंदन देव दिवाकर – राम किशोर पाठककश्यप नंदन देव दिवाकर – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:36 pm

कश्यप नन्दन देव दिवाकर- सरसी छंद गीत तुमसे ही जग जीवन पाता, करते तुम उपकार।कश्यप नन्दन देव दिवाकर, नमन करो[...]

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Aastha deepali

वसंत- आस्था दीपालीवसंत- आस्था दीपाली

0 Comments 7:37 pm

(हाइकू) १ कोपल मुस्काई- भीनी आम्र-मंजरी में नव-प्राण-स्पंदन। २ पीत-पुष्प खिले- नीरव आँगन के भीतर स्मृति-सरोवर जागा। ३ सरसों हँसी-[...]

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