पर-हित चिंतन- दोहा छंद गीत पर-हित चिंतन में सदा, रहते हैं जो लीन। ईश्वर की उनपर कृपा, रहती नित्य नवीन।। पर-पीड़ा से हो दुखी, करते सदा उपाय। करते नहीं विचार…
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
एक निर्दयी बंधन -सुमन सौरभ
एक निर्दयी बंधन -सुमन सौरभ बाल विवाह है एक अबूझ पहेली जब होने चाहिए बहुत सी सहेली तब भर दी जाती हैं चूड़ियों से हथेली छोटी सी गुड़िया, छोटी सी…
मंदिर सोमनाथ – नीतू रानी
सोमनाथ केअ शोभायात्रा में निकललखिन्ह प्रधानमंत्री सरकार हे बहिना, संग में मंत्री दुई चार। एक सौ अठारह घोड़ा पर बैसल सैनिक राज कुमार हे —–2, रथ में खड़ा भेल प्रधानमंत्री…
वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी
वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी सब गायों के बीच में वंशी बजाए नंदलाल, एक भी नही दिख रहा वहाँ खड़ा कोई ग्वाल। मुरली बजा रहे नंदलाला देख रही सब…
राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक आया यह दिन खास, करना है अहसास, जनवरी पाँच आज, समझ बनाइए। कौआ चील गिद्ध मोर, पक्षियों के भाए शोर,…
हनुमान -रामकिशोर पाठक
हनुमान- कहमुकरी संग कभी भय नहीं सताता। साहस मुझमें भी उपजाता।। शंका का करता समाधान। क्या सखि? साजन! न सखि! हनुमान।।०१।। सबसे ज्यादा है बलशाली। तन पर डाले फिरता वाली।।…
श्री जी -कुमकुम कुमारी काव्याकृति
श्री जी अद्भुत छवि है श्री जी तेरी, हटती नहीं नजरिया। माथे कुमकुम दमक रही है, नैनों में साँवरिया।। हो गई बावरी आके मैं, वृषभानु की नगरिया। शाश्वत चमक लुटा…
क्या बदलाव लायेगा नया साल-विवेक कुमार
बीते को भुलाना, नए को अपनाना, जो खोया उसका रोना, पाए पर इतराना, अच्छाई से दोस्ती, बुराई से घबड़ाना, खट्टी मीठी यादों का बीता सफर सुहाना, यादों के झरोखों से…
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है कोहरा, दृष्टि सभी की छल रही।। मुश्किल होता देखना, आस-पास…
रघुवर नमन- राम किशोर पाठक
करता रघुवर नमन तुम्हारा। चंचल चितवन चमन हमारा।। कैसे सुलभ सहज सब पाऊँ। कैसे निषाद चरण पखारा।। करता रजकण शिला अहिल्या। दे दो प्रभु अब हमें किनारा।। पाया अतिशय दुख…