स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी

कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। मांँ स्वेत वस्त्र धारिनी…

पर-हित चिंतन-राम किशोर पाठक

पर-हित चिंतन- दोहा छंद गीत पर-हित चिंतन में सदा, रहते हैं जो लीन। ईश्वर की उनपर कृपा, रहती नित्य नवीन।। पर-पीड़ा से हो दुखी, करते सदा उपाय। करते नहीं विचार…

मंदिर सोमनाथ – नीतू रानी

सोमनाथ केअ शोभायात्रा में निकललखिन्ह  प्रधानमंत्री सरकार हे बहिना, संग में मंत्री दुई चार। एक सौ अठारह घोड़ा पर बैसल सैनिक राज कुमार हे —–2, रथ में खड़ा भेल प्रधानमंत्री…

राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक

राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक आया यह दिन खास, करना है अहसास, जनवरी पाँच आज, समझ बनाइए। कौआ चील गिद्ध मोर, पक्षियों के भाए शोर,…

हनुमान -रामकिशोर पाठक

हनुमान- कहमुकरी संग कभी भय नहीं सताता। साहस मुझमें भी उपजाता।। शंका का करता समाधान। क्या सखि? साजन! न सखि! हनुमान।।०१।। सबसे ज्यादा है बलशाली। तन पर डाले फिरता वाली।।…

श्री जी -कुमकुम कुमारी काव्याकृति

श्री जी अद्भुत छवि है श्री जी तेरी, हटती नहीं नजरिया। माथे कुमकुम दमक रही है, नैनों में साँवरिया।। हो गई बावरी आके मैं, वृषभानु की नगरिया। शाश्वत चमक लुटा…

क्या बदलाव लायेगा नया साल-विवेक कुमार

बीते को भुलाना, नए को अपनाना, जो खोया उसका रोना, पाए पर इतराना, अच्छाई से दोस्ती, बुराई से घबड़ाना, खट्टी मीठी यादों का बीता सफर सुहाना, यादों के झरोखों से…