काशक फुलधरती पर जब सरदक पइैन झरिक गेल,हवा हलर-हलर बहि रहल,ओकर संग गामक गाछ-बिरिछ झूमि-झूमि उठल,तखन हरियर खेतक बीच सँसफेद[...]
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एक बाल मन की कमेंट्री – अवधेश कुमारएक बाल मन की कमेंट्री – अवधेश कुमार
ग्राउंड में जब आई धूम,एशिया कप का था फाइनल बूम बूम।पाकिस्तान आया बड़े जिगरी मिजाज में,सोचा, जीतेंगे हम, छक्के-छक्के बाज़ार[...]
महाष्टमी में खोइछा का महत्व – अवधेश कुमारमहाष्टमी में खोइछा का महत्व – अवधेश कुमार
खोइछा में संजोया शुभ आशीष,माँ के चरणों का अनमोल वचन। धान, दूब, हल्दी, सुपारी के संग,बन जाती जीवन में खुशियों[...]
कन्या वंदन – राम किशोर पाठककन्या वंदन – राम किशोर पाठक
माता घर-घर में आती है, धर कन्या का रूप।पाठ पढ़ाती शक्ति बोध का, उसके हर स्वरूप।।शैलसुता सी किलकारी दे, घर[...]
द्विज के गुण – राम किशोर पाठकद्विज के गुण – राम किशोर पाठक
द्विज एक रूप दिव्य जगत में। ज्ञान धर्म कर्म श्रेष्ठ सतत में।। तेज सूर्य का सहन है करता। विष्णु वक्ष[...]
बेटी दिवस – नीतू रानीबेटी दिवस – नीतू रानी
बेटी दिवस पर बधाई हो बधाई,इस पर मैंने बँटबाई ढेरों सारी मिठाई,बेटी दिवस पर बधाई हो बधाई——-२। बेटी बचाओ बेटी[...]
पुत्री दिवस- गिरिंद्र मोहन झापुत्री दिवस- गिरिंद्र मोहन झा
आज अन्तरराष्ट्रीय पुत्री दिवस पर प्रस्तुत मेरी एक कविता:पुत्री-दिवसधन्य वह गेह है, जहँ खिलखिलाती बेटियाँ,धन्य वह गेह है, जहाँ चहचहाती[...]
भारत की बेटी -रिंकु कुमारीभारत की बेटी -रिंकु कुमारी
मां हमें भारत की बेटी बनकर जीने दो रश्मों रिवाज की जंजीर तोड़कर आगे बढ़ने दो लाचार बनकर अब हमें[...]
मैं पिता बन गया हूँ – बिंदु अग्रवालमैं पिता बन गया हूँ – बिंदु अग्रवाल
छोड़ दी हैं मैंने सारी अठखेलियाँ क्योंकि अब मैं पिता बन गया हूँ। अब मैं पिता को नखरे नहीं दिखाता,[...]
वृद्धावस्था – गिरिंद्र मोहन झावृद्धावस्था – गिरिंद्र मोहन झा
शैशव, बाल्य, किशोर, युवा,से होकर तुम बने हो वृद्ध,तुम्हारा असली,बड़ा गुण है,हर स्थिति में स्थिर औ’ सिद्ध,ज्ञान, विज्ञान, अनुभव में[...]
