Category: Bhawna

पितृपक्ष के भाव- अमरनाथ त्रिवेदीपितृपक्ष के भाव- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:28 pm

पितृ पक्ष के भाव जिनमें  है पिता की भक्ति ,वही तो पितृ तर्पण करते ।अपने उर में श्रद्धा लेकर ,वही [...]

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Girindra Mohan Jha

जाति वर्ण – गिरींद्र मोहन झाजाति वर्ण – गिरींद्र मोहन झा

0 Comments 3:45 pm

भिन्न-भिन्न जाति, सम्प्रदाय,भिन्न-भिन्न वर्ण और समुदाय,भाषा, राज्य, प्रांत और वतन,भिन्नता सबमें, पर है एक धरम,भिन्न-भिन्न भले सबकुछ, सब असमान,पर एक[...]

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Ram Kishor Pathak

देश हमारा -राम किशोर पाठकदेश हमारा -राम किशोर पाठक

0 Comments 8:52 pm

देश हमारा हरपल आगे। भारत वासी जब-जब जागे।। आदर देते हम-सब आएँ। भारत माँ की जय-जय गाएँ।। देव यहीं भूतल[...]

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Girindra Mohan Jha

पेड़- गिरीन्द्र मोहन झापेड़- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 8:19 pm

पेड़ बीज को अंकुरित होने में भी लगता है संघर्ष, पौधे धीरे-धीरे बढ़कर हो जाते हैं पेड़, यह पतझड़-वसंत-ग्रीष्म-वृष्टि-शीत, सबको[...]

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Ram Kishor Pathak

हिंदी भाषा की गरिमा – राम किशोर पाठकहिंदी भाषा की गरिमा – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:23 pm

हिंदी भाषा की गरिमा को, उच्च शिखर पहुँचाना होगा। हिंदी के प्रति जन-मानस में, प्रेम अटूट जगाना होगा।। रामचरित रचकर[...]

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हिन्दी का महत्वहिन्दी का महत्व

0 Comments 2:27 pm

  प्यारी हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा, सबकी प्यारी है मेरी हिंदी भाषा। सारे जग में इसकी शान निराली, हिन्दी भाषा[...]

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नारी एक कल्पना – बिंदु अग्रवालनारी एक कल्पना – बिंदु अग्रवाल

0 Comments 2:14 pm

हाँ !मैं कल्पना हूँउस परमपिता परमेश्वर की,जिसने मुझे यह स्वरूप दिया,साथ ही दिया एक कोमल हृदय। सहनशक्ति दी धरती सी,और[...]

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जब से आया स्टेफ्री- नीतू रानीजब से आया स्टेफ्री- नीतू रानी

0 Comments 10:17 pm

जबसे आया स्टेफ्री,लडकियाँ हो गई बिल्कुल फ्री। न लेना पड़ता है उसे कोई कपड़ा,छूट गया कपड़ा लेने का लफड़ा। बदलती[...]

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