समाधान है अपने कर में , हम पीछे क्यों रह जाते है ? चिंता से चतुराई घटती , फिर चिंता[...]
Category: Bhawna
ज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदीज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदी
ज्ञान के आलोक में , अज्ञानता को छोड़ दो । जलन की ; हठधर्मिता की , सारे बंधन तोड़ दो[...]
मानवी अभ्युदय के यथार्थ – अमरनाथ त्रिवेदीमानवी अभ्युदय के यथार्थ – अमरनाथ त्रिवेदी
समस्त विश्व मे सम्मुख यह काया , सदा -सदा अति न्यारी । प्रेयसी बन विचरण करती यह , कभी माँ[...]
यादें- जय कृष्णा पासवानयादें- जय कृष्णा पासवान
एक -एक सिसकियां- फिजाओं की खुशबू बांट रहे थे। पल-पल इन्तजार उस धड़ी का मानों आंखें मचल रहे थे। किया[...]
अरिल्ल छंद -सुधीर कुमारअरिल्ल छंद -सुधीर कुमार
अरिल्ल छंद मात्रा – १६ अंत – १२२ आपस में मत करो लढ़ाई । बच्चों कर लो खूब पढ़ाई ।।[...]
जागृति-अमरनाथ त्रिवेदीजागृति-अमरनाथ त्रिवेदी
पूर्व अमित आख्यान सुन , क्यों नहीं तू सँभल रहे हो ? किस द्वेष -राग मे लिप्त हो , मानवता[...]
दोस्ती – दीपा वर्मादोस्ती – दीपा वर्मा
दोस्ती कोई स्वार्थ नही , एक विश्वास होती है..। एहसास से बना एक रिश्ता , जो बहुत खास होती है।[...]
कर्मगति -अमरनाथ त्रिवेदीकर्मगति -अमरनाथ त्रिवेदी
यहाँ काल के कपाल पर , निज कर्म अमिट होता गया । जो स्वप्न में धरे रह गए , वह[...]
आने वाला कल -चंचला तिवारीआने वाला कल -चंचला तिवारी
कल हमको तुम ना पाओगे बताओ कैसे हमें भुलाओगे ? कैसे उलझनों को सुलझाओगे? किसपे झुंझलाहटों को बरपाओगे? कल हमको[...]
मैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषणमैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषण
हांं, हूं मैं एक अंतर्मुखी, रहती, हूं मैं स्वयं में सिमटी, कभी हूं मैं कविता मन के तरानों की, कभी[...]
