शिवम नम: तुम व्रह्म हो व्रह्माण्ड के जीवंत मूल सार के, सहस्त्र गंग धार के, तुम प्रेम के प्रकाश के, अनंत दिग दिगंत के, तुम ब्रम्ह हो ब्रह्माण्ड के, नमः…
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विश्व जनसंख्या दिवस – राम किशोर पाठक
विश्व जनसंख्या दिवस माह जुलाई की जुड़ा, एक अनोखी तार। ग्यारह आती तिथि जहाँ, होता नया प्रचार।। जनसंख्या के आंकड़े, पकड़ी जब रफ्तार। विश्व इकठ्ठा हो गया, करने यहाँ विचार।।…
गुरुजन – राघव दुबे
गुरुजन गुरुजन होते हैं सदा, जीवन की पतवार । उनसे ही हम सीख कर, रचते नव संसार । रचते नव संसार, समय पर खरे उतरते । सीख बने वरदान, पंथ…
जगत में गुरु से न कोई महान- अमरनाथ त्रिवेदी
जगत में गुरु से न कोई महान ज्ञान है मिलता गुरु कृपा से , मिलता हर भय से त्राण । वंदे तू गुरु की कीमत जान । जगत में …
हे गुरु- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
हे गुरु हे गुरु स्वीकार करना इक नमन संस्कार रे मन, जागने के फन का तू ही है मेरा आधार रे मन, स्वर्ण आभा स्वर्ग सुख या हो जगत आधार…
साक्षात भगवान – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
साक्षात भगवान **†***†****†*****†*****† करते हम गुरु वंदना,धर चरणों का ध्यान, जिनकी कृपा कटाक्ष से,मिटे सकल अज्ञान। गुरु कृपा से सर्वसुलभ, ज्यों करते गुणगान। शरणागत हो जाते हीं, तजकर निज अभिमान।…
वंदन गुरु का करते सारे – अंजनेय छंद गीत- राम किशोर पाठक
वंदन गुरु का करते सारे – अंजनेय छंद गीत गुरुवर तेरे वैभव न्यारे। वंदन गुरु का करते सारे।। जो जन शरण तुम्हारी आते। पीड़ा मन की सहज भगाते।। सबको वर…
गुरु – रुचिका
गुरू अज्ञानता के गहन तिमिर से, ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाए। मन के भीतर के तमस मिटाकर, रोशनी चारों ओर पहुँचाए। गुरू के दिये ज्ञान से हमारा जीवन…
गुरु पूर्णिमा – मनु कुमारी
गुरु पूर्णिमा पावन दिन है आज का ,जन्म लिए ऋषि व्यास। तीन लोक नौ खंड में ,मानो हुआ उजास।। वेदों,की रचना किये,लिखे जगत का सार। कहती श्रीमद्भागवत, गुरु हैं अगम…
संस्कृतम् अहं पठामि – राम किशोर पाठक
संस्कृतम् अहं पठामि भाषायाम् जननी अहं नमामि। सखे! संस्कृतम् अहं पठामि।। ज्ञानं वा विज्ञानं वा सर्वे इव धार्यते। मानवोत्थानाय सुकृतं इव कार्यते।। उत्थानाय सर्वेषां इव अनुसरामि। सखे! संस्कृतम् अहं पठामि।।…