Category: Bhawna

Nitu Rani

माँ तुम कितनी अच्छी हो – नीतू रानीमाँ तुम कितनी अच्छी हो – नीतू रानी

0 Comments 10:38 pm

माँ तुम कितनी अच्छी हो। माँ माँ तुम कितनी अच्छी हो सब कुछ मेरा करती हो, जब मैं गंदा होता[...]

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Snehlata

अब सुबह हुई जागो- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’अब सुबह हुई जागो- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 10:34 pm

अब सुबह हुई जागो क्या ऐसी सुबह होगी, जब दोष शमन होगा? इस रात का अंधियारा,जब जड़ से खतम होगा,[...]

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जगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठकजगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:42 pm

जगन्नाथपुरी रथ-यात्रा- दोहें उत्कल प्रदेश में चलें, जहाँ ईश का धाम। शंख- क्षेत्र, श्रीक्षेत्र है, उसी पुरी का नाम।।०१।। युगल[...]

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Amarnath Trivedi

सारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदीसारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:39 pm

सारे जग में नाम होगा उसी का सारे जग में नाम होगा उसी का , जिसके कर्मों से भाग्य जुड़ेगा[...]

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भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकभरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:59 pm

भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत बच्चों को हम बच्चा मानें, देना उनको ज्ञान है। नहीं बोध है[...]

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आज से स्कूल है जाना – सखी छंद – राम किशोर पाठकआज से स्कूल है जाना – सखी छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:43 pm

आज से स्कूल है जाना – सखी छंद पाकर पावस की बूँदें। है कहती अखियाँ मूंँदें।। प्रेमा चाह रही सोना।[...]

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आओ कर लें योग – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठकआओ कर लें योग – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:16 pm

आओ कर लें योग – सरसी छंद गीत जीवन है अनमोल मनुज का, मिले विविध संयोग। रहना है नीरोग हमें[...]

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Amarnath Trivedi

पिता समान कोई नहीं जग में – अमरनाथ त्रिवेदीपिता समान कोई नहीं जग में – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:29 pm

पिता समान कोई नहीं जग में पिता शक्ति है ; पिता भक्ति है , पिता ही जीवन का आधार है[...]

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भारत देश हमारा है – मृत्युंजय कुमारभारत देश हमारा है – मृत्युंजय कुमार

0 Comments 10:26 pm

भारत देश हमारा है। यह भारत देश हमारा है। सब देशों से प्यारा है।। हिंदु, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई। मिल-जुलकर रहते[...]

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पहली बूंँद धरा पर आई – विधा गीत – राम किशोर पाठकपहली बूंँद धरा पर आई – विधा गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:22 pm

पहली बूंँद धरा पर आई – गीत अस्त- व्यस्त हो चुके सभी अब, धूलकणों ने ली जम्हाई। पहली बूंँद धरा[...]

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