छुट्टियों की खुशियां मृत्युंजय कुमार

छुट्टियों की खुशियाँ… छुट्टियों के दिन आए हैं, बच्चों में खुशियाँ छाई हैं। मौज-मस्ती खूब करेंगे, नहीं किसी से तनिक डरेंगे। रोज़-रोज़ जाते हैं स्कूल, स्कूल को कह सकते हैं…

मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी

एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर की सीढ़ी ऊँची, न तीर्थों का आडंबर भारी, मन की…