बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे सारी, कोयल की कूक प्यारी। भँवरे की राग न्यारी, गीतो…
Category: Hall of Fame February 2026
मेरे सपनों का गांव
VIKAS KUMAR SAW
बसंत ऋतु आया-मुन्नी कुमारी
देखो बसंत ऋतु है आया,
छुट्टियों की खुशियां मृत्युंजय कुमार
छुट्टियों की खुशियाँ… छुट्टियों के दिन आए हैं, बच्चों में खुशियाँ छाई हैं। मौज-मस्ती खूब करेंगे, नहीं किसी से तनिक डरेंगे। रोज़-रोज़ जाते हैं स्कूल, स्कूल को कह सकते हैं…
मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी
एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर की सीढ़ी ऊँची, न तीर्थों का आडंबर भारी, मन की…