यह जीवन बड़ा अनमोल है, इसे व्यर्थ न गँवाया करो। सुख-दुःख इसमें समाए हुए हैं, इनसे कभी न घबराया करो। सुख-दुःख तो जीवन में आते हैं और जाते हैं, यदि…
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उठो युवाओं आगे आओ लक्ष्य पहचानों-नीतू रानी
उठो युवाओं आगे आओ, अपने लक्ष्य को निकट तुम पाओ। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मनाते हैं, उनके पावन श्रीचरणों में शत् -शत्…
सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ
सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ सावित्रीबाई फुले, एक नाम है गर्व का, सावित्रीबाई फुले, एक नाम है फक्र का, महिला शिक्षा की, एक बेमिसाल पहचान का। लाया बदलाव, लाई नई…
ठंडा – नीतू रानी
ठंडा का महीना थर- थर कांँपै सब लोग, कोना केअ बनाएब खाना कि खायत बच्चा मोर। मन नै करैयेअ हम बिछना सेअ निकली ठंडा पैन सेअ हम बर्तन धोबी, ठंडा…
आँसू और खामोशी – नीतू रानी
आँसू और खामोशी सिर्फ महिलाओं में हीं होती, ये दोनों लेकर महिला दिन- रात हैं रोती। आँसू और खामोशी महिलाओं को सोने नहीं देती, ये दोनों को सिर पर लेकर…
सावित्री बाई फुले-राम किशोर पाठक
तर्क कसौटी की थी दात्री। सावित्री शिक्षा की जात्री।। ज्योति जलाने जग में आई। नारी शिक्षा को फैलाई।। बनकर वह एक अधिष्ठात्री। सावित्री शिक्षा की जात्री।।०१।। पति से मिलकर कदम…
चित्रा छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
शुभ भोर देख कर खग जागे। डाली तरुवर पर से भागे।। विश्वास ध्यान अब है भू पर। खाद्यान्न प्राण भरते छूकर।। जब भूख विवश करता तन को। करते सहमत अपने…
बाल दिवस बच्चा पार्टी
बाल दिवस बच्चा पार्टी बाल दिवस की खूब बधाई सुन लो मेरे छोटका भाई मैडम लाई बहुत मिठाई खेल कूद संग आज होगी पढ़ाई।। Marut Nandan Pandey
चल रही – राम किशोर पाठक
लड़खड़ाती जिंदगी यह, आज भी है चल रहीं। सामने है काल तो क्या, काल को भी खल रही।। हौसलों को देख मेरे, दंग रह जाते सभी। सोचते हैं बस हमेशा,…
रजाई- राम किशोर पाठक
लिपट-लिपट मैं जिसके रहती। शीत लहर को हँसकर सहती।। संग मुझे लगता सुखदाई। क्या सखि? साजन! न सखि! रजाई।।०१।। रंग विरंगा रूप सलोना। भूलूँ संग शीत का रोना।। संग में…