सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ सावित्रीबाई फुले, एक नाम है गर्व का, सावित्रीबाई फुले, एक नाम है फक्र का, महिला[...]
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ठंडा – नीतू रानीठंडा – नीतू रानी
ठंडा का महीना थर- थर कांँपै सब लोग, कोना केअ बनाएब खाना कि खायत बच्चा मोर। मन नै करैयेअ हम[...]
आँसू और खामोशी – नीतू रानीआँसू और खामोशी – नीतू रानी
आँसू और खामोशी सिर्फ महिलाओं में हीं होती, ये दोनों लेकर महिला दिन- रात हैं रोती। आँसू और खामोशी महिलाओं[...]
सावित्री बाई फुले-राम किशोर पाठकसावित्री बाई फुले-राम किशोर पाठक
तर्क कसौटी की थी दात्री। सावित्री शिक्षा की जात्री।। ज्योति जलाने जग में आई। नारी शिक्षा को फैलाई।। बनकर वह[...]
चित्रा छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ चित्रा छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
शुभ भोर देख कर खग जागे। डाली तरुवर पर से भागे।। विश्वास ध्यान अब है भू पर। खाद्यान्न प्राण भरते[...]
बाल दिवस बच्चा पार्टीबाल दिवस बच्चा पार्टी
बाल दिवस बच्चा पार्टी बाल दिवस की खूब बधाई सुन लो मेरे छोटका भाई मैडम लाई बहुत मिठाई खेल कूद[...]
चल रही – राम किशोर पाठक चल रही – राम किशोर पाठक
लड़खड़ाती जिंदगी यह, आज भी है चल रहीं। सामने है काल तो क्या, काल को भी खल रही।। हौसलों को[...]
रजाई- राम किशोर पाठक रजाई- राम किशोर पाठक
लिपट-लिपट मैं जिसके रहती। शीत लहर को हँसकर सहती।। संग मुझे लगता सुखदाई। क्या सखि? साजन! न सखि! रजाई।।०१।। रंग[...]
काम का महत्व-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’काम का महत्व-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
सीखाते कुरान-गीता, गुरुजन माता-पिता, हमें ये जीवन नहीं, मिला है आराम को। मजदूर किसानों को मिलता विश्राम नहीं, सुबह सबेरे[...]
बिरसा मुंडा की जयंती-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’बिरसा मुंडा की जयंती-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
आजादी आधार, मिली जब से भारत को। दौड़ पड़े सबलोग,विनत हुए सु-स्वागत को।। सुनकर विस्मित मान,रहे हैं खुद को प्राणी।[...]
