यूँ ही लम्हें बीत जाएँगे , न हम रहेंगे न तुम रहोगे फिर अपनी बात कहाँ और किसको कहोगे ? यह अंतहीन सिलसिला [...]
Category: Jiwan parichay
हां मैं शिक्षक हूं।हां मैं शिक्षक हूं।
जीवन के अंधियारे को, नित्य निज प्रकाश से भारती हूं। तुम कहते हो मैं ठहरी हूँ, पर मैं निर्झर बनकर[...]
ऐ जिंदगी – रश्मि मिश्राऐ जिंदगी – रश्मि मिश्रा
ऐ जिंदगी जिसे तुझे जीना आ गया उसके लिए तू सरल बहुत है ,पर उनके लिए तू कठिन बहुत है,[...]
मैं पिता बन गया हूँ – बिंदु अग्रवालमैं पिता बन गया हूँ – बिंदु अग्रवाल
छोड़ दी हैं मैंने सारी अठखेलियाँ क्योंकि अब मैं पिता बन गया हूँ। अब मैं पिता को नखरे नहीं दिखाता,[...]
सुनीता तेरे धैर्य – मनु कुमारीसुनीता तेरे धैर्य – मनु कुमारी
चहुंओर ओर है छाई खुशियां,नवकलियां मुस्काई है । फ्लोरिडा के तट पर देश की बेटी, आज उतरकर आई है।। साहस[...]
फणीश्वरनाथ रेणु: विधा- दोहावली- रामकिशोर पाठकफणीश्वरनाथ रेणु: विधा- दोहावली- रामकिशोर पाठक
कथा भाव ऐसी सरल, जैसे स्वर दे वेणु। उपन्यास वैसी लिखें, फनीश्वर नाथ रेणु। हृदय छूता रहा सदा, उपन्यास का[...]
छुआछूत- नीतू रानीछुआछूत- नीतू रानी
भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र। गरीब[...]
स्वामी विवेकानंद – मनु रमण चेतनास्वामी विवेकानंद – मनु रमण चेतना
स्वामी जी ने कर दिया,जग में ऐसा काम।। पर्वत से ऊँचा हुआ, फिर भारत का नाम।। राम कृष्ण गुरुदेव के[...]
वहीं है कबीर – दया शंकर गुप्तावहीं है कबीर – दया शंकर गुप्ता
जो निंदक को पास बिठाता है, जो अपना घर स्वयं जलाता है, जो पत्थर को पूज्य बताता है, जो खुदा[...]
राष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी – सुधीर कुमारराष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी – सुधीर कुमार
सोहनलाल द्विवेदी की मैं गाथा तुम्हें सुनाता हूँ । इनका जीवन और कृति से परिचय तुम्हें कराता हूँ द्विवेदी जी[...]
