पद्यपंकज Prarthana वंदना सुबाला कुमारी

वंदना सुबाला कुमारी

वह शक्ति हमें दो दयानिधि, कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ।
पर सेवा ,पर उपकार में हम ,जगजीवन सफल बना आए।
हम दिन -दुखी निर्बलों – दुर्बलो के सेवक बन संताप हरेl
जो है अटके, भूले भटके उनको तारे ,खुद तर जाएं l
वह शक्ति हमें दो दयानिधि कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ।।
छल – दंभ, द्वेष,पाखंड ,झूठ, अन्याय से निशदिन दूर रहे ।
जीवन हो शुद्ध सरल अपना सूची प्रेम सुधा रस बरसावे ।
वह शक्ति हमें दो दयानिधि कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ।
निज आन – मान मर्यादा का ,प्रभु ध्यान रहे, अभिमान रहे ।
जिस पुण्य राष्ट्र में जन्म लिया ,बलिदान उसी पर हो जाएं।
वह शक्ति हमें दो दयानिधि कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ।
पर सेवा, पर उपकार में हम जगजीवन सफल बना आए। जग जीवन सफल बना आए।।

सुबाला कुमारी
(हिंदी शिक्षिका)
उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बिशनपुर जीछो, गोराडीह
भागलपुर।

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