टीचर्स ऑफ बिहार के शिक्षक ज्ञान – दीप जलाते हैं,जीवन जीने की राह बतलाते हैं । मेहनत का महत्व बाखूबी समझाते हैं,सपनों को हकीकत करवाते हैं । अच्छे – बुरे…
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
मत कर अभी ब्याह मेरी मैया – नीतू रानी
मत कर अभी ब्याह मेरी मैया – नीतू रानी मत कर अभी मेरी ब्याह मेरी मैया, अभी न हुई ब्याह की लायक मेरी मैया। मुझे अभी स्कूल पढ़ने…
एक अभिशाप – विवेक कुमार
एक अभिशाप – विवेक कुमार बेटी ने पूछा बापू से — “इतनी ब्याह की क्या जल्दी?” थोड़ी तो बढ़ जाने दो, अभी तो मैं नादान हूँ, थोड़ी तो ढल…
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो । वरदानरूप मिला यह जीवन, बने…
बाल मन – ज्योत्सना वर्द्धन
बाल मन – ज्योत्सना वर्द्धन बाल मन है कितना कोमल सपनों में रहता है उलझा नन्हें ख्वाब बुनती है निंदिया बाल मन है कितना कोमल समय से सब काम…
बंद करो बाल विवाह – संगीता कुमारी
बंद करो बाल विवाह – संगीता कुमारी खूब पढ़ाओ यह देनी एक सलाह, बंद कर दो अब तो बाल – विवाह। लड़का एवं लड़की होने दो जवान, ना…
बाल विवाह – नेहा कुमारी
बाल विवाह – नेहा कुमारी खेलने के दिन है अभी, हुआ ना बचपन पूरा, ब्याहने की जल्दी में पढ़ने की लालसा रह जाए ना अधूरा। स्नेह और त्याग की…
मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल
मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल मत बाँधों मेरे पँखों को, मुझे उन्मुक्त गगन में उड़ने दो। अभी जरा बचपन है बाकी, मदमस्त पवन सी बहने दो।…
अभी तो मैं बच्ची हूँ – खुशबू कुमारी
अभी तो मैं बच्ची हूँ – खुशबू कुमारी पापा इतनी क्या है जल्दी, थोड़ा पढ़-लिख जाने दो। अभी तो नन्हीं कली हूं, फूल तो बन जाने दो। मैं…
एक निर्दयी बंधन -सुमन सौरभ
एक निर्दयी बंधन -सुमन सौरभ बाल विवाह है एक अबूझ पहेली जब होने चाहिए बहुत सी सहेली तब भर दी जाती हैं चूड़ियों से हथेली छोटी सी गुड़िया, छोटी सी…