सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ

सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ सावित्रीबाई फुले,  एक नाम है गर्व का, सावित्रीबाई फुले, एक नाम है फक्र का, महिला शिक्षा की, एक बेमिसाल पहचान का। लाया बदलाव, लाई नई…

कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान सुधीर छोड़ते निशान हैं। भारतीय लोग हैं विचारवान पुण्यवान, देश में यहाॅं-वहाॅं नई-नई उड़ान हैं। देश में विदेश में जहाॅं मिले विशेष ज्ञान,…

स्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारी

स्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारी स्वास्थ्य का ध्यान रखिए, यह प्रकृति की अनुपम भेट है। उत्तम स्वास्थ्य ऊर्जा प्रदान करता है, अंग प्रत्यंग को स्फूर्तिमान करता है, आशाओं की नई किरण…

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो। वरदानरूप मिला यह जीवन, बने यह अभिशाप…

ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ मनहरण घनाक्षरी छंद जाड़े में जो कुहासे से बढ़ जाती ठंड जब, अत्यधिक होती नमी, शीतल पवन में। कभी बढ़ जाती सर्दी, कभी…

बगिया (बिहारी मोमोज) – मनु कुमारी

बगिया (बिहारी मोमोज) – मनु कुमारी बगिया ! मिथिलाक व्यंजन ,पौष्टिकता सौं भरपूर । घूर तापू सब मिल बगिया खाउ जरूर।। इ अछि मिथिलाक समृद्ध, पाककला के निशानी। एकरा प्रेम…

आँसू और खामोशी-कुण्डलिया – राम किशोर पाठक

आँसू और खामोशी- कुण्डलिया आँसू मेरे नैन में, पत्नी देखी आज। तंज कसी जमकर तभी, कैसा रहा मिजाज।। कैसा रहा मिजाज, समझ मुझको है आई। दो दिन पीहर वास, हमारी…

चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता

चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता यहाॅं कुछ लोग हैं दिखते, सुवासित कर रहे जग को। कटीली झाड़ियों में से, निकाले थे कभी मग को।। अभावों…