सजनी अपने आप से – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ ट्रेन सवारी करके सजनी, देख रही रस्ते भर सपने। आस-पास की[...]
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
दुनिया दौलत वालों की – मनहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’दुनिया दौलत वालों की – मनहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
दुनिया दौलत वालों की मनहरण घनाक्षरी छंद भाग-१ किसी को तो दूध-भात मक्खन सुहाता नहीं, किसी को नमक-रोटी, मिलता न[...]
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठककोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है[...]
नये साल कि ये नयी उम्मीदें – रवि कुमारनये साल कि ये नयी उम्मीदें – रवि कुमार
नये साल कि ये नयी उम्मीदें – रवि कुमार नए साल में नई उमंगे, फिर से रौशनी ले आए हैं।[...]
शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठकशहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक
शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक जुल्म विरोधी हूँ, सत्य बताता हूँ। गीत शहादत का, आज सुनाता हूॅं।।[...]
अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारीअटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी
अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी धरा पर चमकता सितारा अंबर से ध्रुवतारा आया । वह पत्रकार, लेखक, कवि राष्ट्र[...]
यही वर दो हमें – सारिका छंद – राम किशोर पाठकयही वर दो हमें – सारिका छंद – राम किशोर पाठक
यही वर दो हमें – सारिका छंद – राम किशोर पाठक भगवान दया कर दान, यही वर दो हमें ।[...]
अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठकअवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक
अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक भव भय हारी, प्रभु अवतारी। जनहित कारी, अवध बिहारी।। जगत[...]
तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठकतुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक
तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक तुलसी है वरदान, समझने आओ। इसके गुण पहचान, इसे अपनाओ।। तुलसी[...]
बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकबम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक
बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक १११-१११-२ उपवन महके। खर खग चहके।। तन-मन बहके। बम शिव[...]
