श्रीकृष्ण – गिरीन्द्र मोहन झा बचपन से तेरी लीला हुई शुरु, सदा रहा कर्तव्य का ध्यान, सत्य-धर्म पर चलकर तूने,[...]
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
मैं राधा बन जाऊं – बिंदू अग्रवालमैं राधा बन जाऊं – बिंदू अग्रवाल
मैं राधा बन जाऊं – बिंदू अग्रवाल कान्हा कान्हा मैं करूँ मैं राधा बन जाऊँ, कान्हा मेरा सांवरा कान्हा संग[...]
जन्माष्टमी की धूम – भवानंद सिंहजन्माष्टमी की धूम – भवानंद सिंह
जन्माष्टमी की धूम – भवानंद सिंह श्री कृष्ण जन्माष्टमी- का मचा हुआ है धूम, झूम रहे नर-नारी यहाॅं उत्सव हो[...]
रुक्मणी ने कहा एक दिन श्याम से – रवि कुमार तिवारीरुक्मणी ने कहा एक दिन श्याम से – रवि कुमार तिवारी
रुक्मणी ने कहा एक दिन श्याम से – रवि कुमार तिवारी रुक्मणी ने कहा एक दिन श्याम से कृष्ण क्यों[...]
हाय किस्मत रेत-की – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’हाय किस्मत रेत-की – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
हाय किस्मत रेत-की – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ भाद्रपद की अष्टमी तिथि, पक्ष काला था भला। रात आधी भवन कारा,[...]
राधा बिन कान्हा कैसे जन्म मनाएँ – उमेश कुमार सिन्हाराधा बिन कान्हा कैसे जन्म मनाएँ – उमेश कुमार सिन्हा
राधा बिन कान्हा कैसे जन्म मनाएँ – उमेश कुमार सिन्हा कृष्ण-कन्हैया का आज जन्मदिन आया है, वृंदावन सज-धजकर जगमगाया है।[...]
गुरु : एक प्रकाश-पुंज – राघवेन्द्र झागुरु : एक प्रकाश-पुंज – राघवेन्द्र झा
गुरु : एक प्रकाश-पुंज – राघवेन्द्र झा जब राहें हो जाती हों धुँधली और स्वप्न दिशाहीन तब मौन विश्वास बन[...]
मुरली की मधुर तान – रिन्जु कुमारीमुरली की मधुर तान – रिन्जु कुमारी
मुरली की मधुर तान – रिन्जु कुमारी मुरली की मधुर तान लिए, होठों पर प्यारी मुस्कान लिए। पीताम्बर की शोभा[...]
आज पुनि जग कान्ह पुकारै- राकेश कुमारआज पुनि जग कान्ह पुकारै- राकेश कुमार
आज पुनि जग कान्ह पुकारै, आओ नंदकुमार। प्रेम-प्रकाश जगत में भर दो, मिटै सकल अँधियार॥ मथुरा-कारा जन्म तुम्हारो, गोकुल भयो[...]
गुरु की हुंकार-राकेश कुमारगुरु की हुंकार-राकेश कुमार
गुरु ज्ञान का दीप जले, भारत का तम दूर चले। कक्षा फिर से मुक्त बने, बालक में विश्वास जगे। गुरु[...]
