Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Archna Kumari

दुर्गास्वरुपिणी बिटिया रानी – बेबी अर्चनादुर्गास्वरुपिणी बिटिया रानी – बेबी अर्चना

0 Comments 9:13 pm

दुर्गास्वरुपिणी बिटिया रानी – बेबी अर्चना हे दुर्गास्वरूपिणी मेरी बिटिया रानी आओ सुनाऊँ तुझे मैं एक कहानी नन्हें पाँव तेरे[...]

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Kartik Kumar

स्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमारस्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमार

0 Comments 9:07 pm

स्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमार सत्य राह का पथिक हूं मैं सत्य की राह का पथिक[...]

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Sanjeet Kumar Nigam

फिर रावण जलेगा – संजीत कुमार निगमफिर रावण जलेगा – संजीत कुमार निगम

0 Comments 8:54 pm

फिर रावण जलेगा – संजीत कुमार निगम आज फिर रावण जलेगा, हाँ, वही रावण, जिसे त्रेता से हर साल जलाया[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

दशहरे का दिव्य पंछी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदशहरे का दिव्य पंछी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:38 pm

दशहरे का दिव्य पंछी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर कंठ नीला, रूप सुंदर, शिव का ही वो वास है, दशहरे के[...]

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Bebi Archana

दशहरा – बेबी अर्चना दशहरा – बेबी अर्चना 

0 Comments 9:50 pm

दशहरा – बेबी अर्चना  करते बस दहन हम पुतले, पर जलता नहीं मन का द्वेष। तभी तो पल-पल, प्रतिपल, रहता[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

शाश्वत नियम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशाश्वत नियम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:45 pm

शाश्वत नियम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शिखर पर बैठ ओ पथिक! तनिक तू किसपे इतराता? बनाकर काँच के भवनों को,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

काव्य का आभूषण: अलंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकाव्य का आभूषण: अलंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:41 pm

काव्य का आभूषण: अलंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्दों का जब चमत्कार हो, कविता की बढ़ती शान। भाषा सुंदर रूप[...]

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दुर्गा माँ – रंजना कुमारीदुर्गा माँ – रंजना कुमारी

0 Comments 9:34 pm

दुर्गा माँ – रंजना कुमारी माँ, तुम तो शक्ति की देवी हो, तुम्हारे नौ रूपों में नारी की महिमा गाते[...]

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Umesh kumar sinha

मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 9:24 pm

मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा  मन में उठते दो विकल्प हैं—एक सद्गुण, एक दुर्गुण छाया, मनुष्य[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

विश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरविश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:18 pm

विश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर कमी किसी ने भी नहीं छोड़ी, हमें आजमाने में, शेष कुछ न रहा[...]

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