Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Devkant

धरती का मान बढ़ाएंगे – देव कांत मिश्र ‘दिव्यधरती का मान बढ़ाएंगे – देव कांत मिश्र ‘दिव्य

0 Comments 8:09 pm

धरती का मान बढ़ाएंगे – विधा: गीत(१६-१६) जन्म लिए हैं दिव्य भूमि पर धरती का मान बढ़ाएँगे। रंग-बिरंगे फूल खिलाकर,[...]

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Devkant

छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:51 pm

रीढ़ देश की हैं मजदूर। नेह सुधा सुख दें भरपूर।। नित्य बहाते श्रम का स्वेद। मन में कभी न रखते[...]

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S K punam

जमीनी आदमी ठहरा – एस.के.पूनमजमीनी आदमी ठहरा – एस.के.पूनम

0 Comments 7:12 pm

विधाता छंद। विनय से हाथ जो जोड़ा, झुकाया शीश भी अपना। लिए मुस्कान, हूँ हर्षित, रहा मैं देखता सपना।। सजग[...]

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ram किशोर

विश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस – राम किशोर पाठकविश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:00 pm

मनहरण घनाक्षरी कार्यस्थल पर कहीं, दुर्घटना घटे नहीं, स्वास्थ्य सदा रहे सही, ध्यान यह धारिए। सभी जो है कर्मचारी, राष्ट्रहित[...]

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पुस्तकें: ज्ञान का वरदान – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’पुस्तकें: ज्ञान का वरदान – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:24 pm

पुस्तकें प्रेरणा वान, ज्ञान का है वरदान, सच्चा मीत मानकर, आत्मसात कीजिए। प्रतिदिन खोलकर, पाठ करें बोलकर, शारदे का अद्भुत[...]

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पुस्तकें – सुरेश कुमार गौरवपुस्तकें – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:00 pm

पुस्तक ज्योति समान है, तम को करती दूर। शब्द-शब्द में ज्ञान है, रस को लें भरपूर।। गुरुवाणी का गूंजना, देता[...]

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ram किशोर

दोहा विधान – राम किशोर पाठकदोहा विधान – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:35 pm

आओं हम सीखा रहे, दोहा लिखना खास। सरल तरीका है यही, करना है अभ्यास।।०१।। जान रहा हूँ मैं यहाँ, ज्ञान[...]

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आओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठकआओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठक

0 Comments 12:18 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल[...]

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धरती माँ की पुकार – सुरेश कुमार गौरवधरती माँ की पुकार – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 11:53 am

धरती माँ की बेहद करुण कहानी, सुन लो हे मानव! मत करो नादानी। पेड़ कटे, नदियाँ सूखीं, ज़मीन हुई कम,[...]

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ram किशोर

पृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठकपृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:53 pm

विषय – पृथ्वी दिवस छंद – कुण्डलिया पृथ्वी दिवस मनाइए, करिए सदा विचार। फैल रहे प्रदूषण का, करना कम रफ्तार।।[...]

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