नन्हा पौधा दादा जी ने बीज लगाया,दादी ने पानी डलवाया।चुन्नू-मुन्नू दौड़े आए,साथ में खाद भी लेकर आए। सात दिनों के[...]
Category: प्रकृति
प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
रूप घनाक्षरी छंद में कभी-कहीं बाढ़ आए, कभी तो सुखाड़ आए, सड़कें मकान सारे, हो जाते हैं जमींदोज़। पहाड़ चटक[...]
