मधुमास का श्रृंगार-मनु कुमारी

मधुमास ने जब धीरे से आँचल फैलाया, वसंत ने धरती को दुल्हन-सा सजाया। सौंदर्य झुका पत्तों की हरित पलकों में, लावण्य चमक उठा ,ओस की झिलमिल छलकों में। डाल-डाल पर…

घूँघट-मनु कुमारी

घूंघट में छुपा चाँद-सा मुख, नयनों में सपनों का बसेरा। लाज की कोमल चादर ओढ़े, मुस्कान बनी मन का सवेरा। धीमे-धीमे पग धरती पर, चूड़ियों ने गीत सुनाया है। पिया…

मेरी बेटी – सुमन सौरभ

मेरी बेटी तुम केवल ऊंची उड़ान ना भरो ऐसा भी करो कि एक कदम तुम्हारा धरती पर भी धरो…..। मेरी बेटी यहां केवल उजाला ही नहीं, तुम इस लगातार स्याह…

मुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठक

अम्मा कुछ मुझको बतलाओ। मुझको कान्हा आज बनाओ। जो चाहूँ वह दे दो मुझको। ऐसे कभी नहीं तड़पाओ।। मैं भी मुरली बजा सकूँगा। मुरली तो मुझको दिलवाओ।। साँपों का फन…

वंदे मातरम् – गीत – राम किशोर पाठक

वंदे मातरम् – गीत भारत वासी दिल के अच्छे, चाहत सदा स्वच्छंद है। वंदे मातरम् गीत सुंदर, गाना सबको पसंद है।। वंदे मातरम्। वंदे मातरम्। बंकिम चन्द्र चटर्जी इसकी, रचना…

गृह लक्ष्मी पत्नी – राम किशोर पाठक

गृह लक्ष्मी पत्नी – कुंडलिया लक्ष्मी है पत्नी सदा, सुखकारी लो जान।जिसको मैंने वर लिया, रखती सबका ध्यान।।रखती सबका ध्यान, वही लक्ष्मी है घर की।मेरा यह वरदान, नहीं पाऊँ अब…