प्रेम – एस.के.पूनम

  ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद विषय:-प्रेम – एस.के.पूनम करें हम प्रेम जीवन में, सुखद परिणाम हम पायें। मिटा कर क्लेश लोगों का, भँवर को पार कर जायें। गहन हैं…

कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम

प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से, प्रकृति के द्वार खुल जाते। भ्रमर जब गुनगुनाते हैं, हजारों…

मधुमास का श्रृंगार-मनु कुमारी

मधुमास ने जब धीरे से आँचल फैलाया, वसंत ने धरती को दुल्हन-सा सजाया। सौंदर्य झुका पत्तों की हरित पलकों में, लावण्य चमक उठा ,ओस की झिलमिल छलकों में। डाल-डाल पर…

घूँघट-मनु कुमारी

घूंघट में छुपा चाँद-सा मुख, नयनों में सपनों का बसेरा। लाज की कोमल चादर ओढ़े, मुस्कान बनी मन का सवेरा। धीमे-धीमे पग धरती पर, चूड़ियों ने गीत सुनाया है। पिया…

मेरी बेटी – सुमन सौरभ

मेरी बेटी तुम केवल ऊंची उड़ान ना भरो ऐसा भी करो कि एक कदम तुम्हारा धरती पर भी धरो…..। मेरी बेटी यहां केवल उजाला ही नहीं, तुम इस लगातार स्याह…

मुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठक

अम्मा कुछ मुझको बतलाओ। मुझको कान्हा आज बनाओ। जो चाहूँ वह दे दो मुझको। ऐसे कभी नहीं तड़पाओ।। मैं भी मुरली बजा सकूँगा। मुरली तो मुझको दिलवाओ।। साँपों का फन…