Category: Prem

Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.

मेरी लेखनी – भूषण छंद गीत – राम किशोर पाठकमेरी लेखनी – भूषण छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:40 am

मेरी लेखनी – भूषण छंद आधारित गीत उठा लेखनी लिखते हम, सदा सत्य को करें प्रबल। सभी यहाँ खुश होते[...]

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Devkant

लगन सदा मन राम लगाओ- चौपाई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’लगन सदा मन राम लगाओ- चौपाई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:39 am

लगन सदा मन राम लगाओ विधा: चौपाई “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जब-जब भाव कथा मन आवै। तब- तब प्रेम राम मन भावै।। प्रभुवर[...]

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Manu Raman Chetna

कर ले तू उपकार ओ बंदे- मनु कुमारीकर ले तू उपकार ओ बंदे- मनु कुमारी

0 Comments 7:07 pm

करले तू उपकार ओ बंदे करले तू उपकार ओ बंदे, तेरा जन्म सफल हो जाएगा । यह सुंदर तन नश्वर[...]

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मोहनी माया – विधा गीत – राम किशोर पाठकमोहनी माया – विधा गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:24 pm

मोहनी माया – विधा गीत उलझे रहते हम-सब हरपल, चलता न बुद्धि बल है। सदा सजग रहना माया से, माया[...]

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माँ का प्यार – राम किशोर पाठकमाँ का प्यार – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:19 pm

माँ का प्यार – लावणी छंद   माँ का प्यार दुलार जगत में, बड़ा अनमोल होता है। माँ के चरणों[...]

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Snehlata

माँ की बात – डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘माँ की बात – डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘

0 Comments 8:35 pm

माँ की मैं क्या बात बताऊँ, माँ थीं बहुत ही प्यारी। मेरे तन मन सब में बसतीं, माँ मेरी थीं[...]

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Suresh-kumar-gaurav

कोयल बोली मीठी बानी- सुरेश कुमार गौरवकोयल बोली मीठी बानी- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 1:20 pm

कोयल बोली मीठी बानी, जैसे बजे मधुर तान, डाली-डाली झूम उठी है, हरियाली मुस्कान। नीम की डाली पर बैठी, गाए[...]

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आओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठकआओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठक

0 Comments 12:18 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल[...]

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चित्रधारित सृजन – नीतू रानीचित्रधारित सृजन – नीतू रानी

0 Comments 8:10 pm

जल से भरकर पात्र को रखना निशदिन भाय, आएगी चिड़िया पानी पीने जाएगी प्यास बुझाय। पीती है पानी चिड़िया हृदय[...]

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