शिक्षा की देहरी पर दीप जले,आदर्शों में सपने पले।पर पावन उस प्रांगण में अबकुछ मौन-से मोल टँगे मिले।जिस मान का मूल चरित्र रहा,जिस गौरव की जड़ तप में थी—वह मान…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
मुझे पढ़ाओ पापा..बिंदु अग्रवाल
मुझे आगे बढ़ाओ पापाहाँ मुझे पढ़ाओ पापा।न दो मुझे उंगली का सहारामुझे चलना सिखाओ पापा। किताबों का दो उपहार मुझे दहेज न तुम जमाओ पापा।मैं भी तो तुम्हारा हिस्सा हूँ…
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है कोहरा, दृष्टि सभी की छल रही।। मुश्किल होता देखना, आस-पास…
नये साल कि ये नयी उम्मीदें – रवि कुमार
नये साल कि ये नयी उम्मीदें – रवि कुमार नए साल में नई उमंगे, फिर से रौशनी ले आए हैं। उम्मीदों कि ये किरणे, सपनों के बागों में फूल सजाये…
शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक
शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक जुल्म विरोधी हूँ, सत्य बताता हूँ। गीत शहादत का, आज सुनाता हूॅं।। शासक मुगलों के, किए अत्याचार थें। खत्म हुए कितने, सभ्य…
अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी
अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी धरा पर चमकता सितारा अंबर से ध्रुवतारा आया । वह पत्रकार, लेखक, कवि राष्ट्र का प्रणेता प्रेरणास्रोत कारगिल युद्ध विजेता है। परमाणु शक्ति प्रदाता…
यही वर दो हमें – सारिका छंद – राम किशोर पाठक
यही वर दो हमें – सारिका छंद – राम किशोर पाठक भगवान दया कर दान, यही वर दो हमें । विधि का समझूँ हर ज्ञान, यही वर दो हमें।। रचना…
अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक
अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक भव भय हारी, प्रभु अवतारी। जनहित कारी, अवध बिहारी।। जगत सताए, समझ न पाऊँ। हर-पल कैसे, सरस बनाऊँ।। नमन करूँ…
तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक
तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक तुलसी है वरदान, समझने आओ। इसके गुण पहचान, इसे अपनाओ।। तुलसी के अब संग, जोड़ लो नाता। औषध है हर अंग,…
चल रही – राम किशोर पाठक
लड़खड़ाती जिंदगी यह, आज भी है चल रहीं। सामने है काल तो क्या, काल को भी खल रही।। हौसलों को देख मेरे, दंग रह जाते सभी। सोचते हैं बस हमेशा,…