फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार चाईनीज खाना चाईनीज प्यार फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार शिक्षा जब बनी व्यापार[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
परीक्षा केअ एलै बहार-नीतू रानीपरीक्षा केअ एलै बहार-नीतू रानी
परीक्षा केअ एलै बहार बहार मेरी सखिया बच्चा सेअ शोभै स्कूल हमार हमार मेरी सखिया परीक्षा —2। पहिले बच्चा अपन[...]
मानवता जो जीवित मन में-राम किशोर पाठकमानवता जो जीवित मन में-राम किशोर पाठक
मानवता जो जीवित मन में, उत्तम हर व्यवहार। भरा रहे मन नित खुशियों से, हर जीवों से प्यार।। सरल नहीं[...]
चैत्र पावन मास है-राम किशोर पाठकचैत्र पावन मास है-राम किशोर पाठक
चैत्र पावन मास है। माँ बता क्यों खास है।। नेह से माँ लाल को। चूम उसके भाल को।। आज है[...]
परीक्षा-नैना कुमारी परीक्षा-नैना कुमारी
खेलकूद में नहीं बिताना बच्चों अपना पूरा साल आएगा मार्च होगी परीक्षा होगा तेरा बूरा हाल गणित के प्रश्न पत्र[...]
अहिल्याबाई होल्कर-राम किशोर पाठकअहिल्याबाई होल्कर-राम किशोर पाठक
वीरों की गाथाओं में है, एक पुराना नाम। वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।। महाराष्ट्र साम्राज्य मराठा, चौंड़ी नामक गाँव।[...]
अंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठकअंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठक
अंग-अंग प्रेम रंग। साँवरा बना विहंग।। राधिका उदास जान। छेड़ मंद-मंद तान।। सौम्य गीत प्रेम गान। कुंज ढूँढता निदान।। ध्यान[...]
गीता का संदेश -गिरीन्द्र मोहन झागीता का संदेश -गिरीन्द्र मोहन झा
श्रीकृष्ण कहते, तुझमें शक्ति है, तू परंतप, महाबाहो, महावीर है, तू पार्थ, ईश्वर का पवित्र अंश, गुडाकेश, साहसी, परम धीर[...]
जीत का उत्सव-राम किशोर पाठकजीत का उत्सव-राम किशोर पाठक
जहाँ जीत है मिलता हमको, उत्सव में हम-सब खोते। कभी हार जब गले लगाती, नजर झुकाए हम रोते।। हार-जीत दोनों[...]
नींद से अब जागिए-राम किशोर पाठकनींद से अब जागिए-राम किशोर पाठक
नींद से जग जाइए। गीत प्रभु का गाइए।। भूल कड़वी बात को। प्रेम से मुस्काइए।। दोष जिसका भी रहा। रोष[...]
