कर्त्तव्यपरायण और व्यवहारकुशल बनना, स्वयं के प्रति सत्यनिष्ठ-ईमानदार बनना, निरंतर सीखना, जिज्ञासु बनना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना, प्रगति के लिए सदा[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
पिता-रूचिकापिता-रूचिका
पिता एक सुरक्षा कवच इस समाज में जो ढाल बन जाते हर मुश्किल में। पिता मार्गदर्शक एक सलाहकार जो सही[...]
जीना तो इसी का नाम है-गिरीन्द्र मोहन झाजीना तो इसी का नाम है-गिरीन्द्र मोहन झा
कर्त्तव्यपरायण और व्यवहारकुशल बनें हम, सदा-सर्वदा स्वयं के प्रति ईमानदार बनें हम, जीना इसी का नाम है। प्रगति पथ पर,[...]
सपनों की उड़ान-आशीष अम्बरसपनों की उड़ान-आशीष अम्बर
हम तो आगे बढ़ चलें हैं, सपनों की एक लिए उड़ान । बस लक्ष्य अपना हम साध लिए हैं, चाहे[...]
नन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजाननन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजान
विद्यालय के बाग बगीचे।आओ हम सब मिलकर सींचे। मुन्नी-मुन्ना कोमल प्यारे।आँगनबाड़ी के हैं सारे।। इनको कक्षा में ले जाओ।ज्येष्ठ तुम्हीं[...]
मजदूर की मजबूरी-बिंदु अग्रवालमजदूर की मजबूरी-बिंदु अग्रवाल
वो चल पड़ा अपने कर्म के पथ पर लिए अपने हुनर का नूर, अपने घर परिवार से दूर किसी अनजान[...]
रे ! मानव -विजय शंकर ठाकुर रे ! मानव -विजय शंकर ठाकुर
रे !मानव ,तू मानव बन । तू साध, अपने मन,वचन और कर्म, समझ ले, इस जीवन[...]
बस यूं ही-विजय शंकर ठाकुरबस यूं ही-विजय शंकर ठाकुर
गाय -बैलों को भूलकर, कुत्ते के पीछे भागते, गंवार से संभ्रांत बनने की चाहत में। भूलते बिसरते अतीत ! खुले[...]
ज्ञान का दीपक शिक्षक – कार्तिक कुमारज्ञान का दीपक शिक्षक – कार्तिक कुमार
ज्ञान का दीप जलाता शिक्षक, फिर भी दुख ही पाता शिक्षक। बच्चों को उजियारा देता, अपने मन को समझाता शिक्षक।[...]
शिक्षा का मंदिर – कार्तिक कुमारशिक्षा का मंदिर – कार्तिक कुमार
शिक्षा का मंदिर न्यारा है, ज्ञान जहाँ का उजियारा है। यहाँ संस्कारों की गंगा बहती, जीवन की हर राह सँवरती।[...]
