Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Amarnath Trivedi

आत्मविश्वास से  भरे  डगर में -अमरनाथ त्रिवेदीआत्मविश्वास से  भरे  डगर में -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:43 pm

आत्मविश्वास  से  भरे  डगर में , न  मन, प्राण , वचन से   पीछे  जाना । हम सबके दिल के  स्नेह   हो  प्यारे , भविष्य  में  अपनी पहचान   बनाना । मन[...]

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टीचर्स ऑफ बिहार : नवचेतना का उद्घोष-मनु कुमारीटीचर्स ऑफ बिहार : नवचेतना का उद्घोष-मनु कुमारी

0 Comments 10:29 pm

जब शिक्षा को मिला नव संबल, जब शिक्षक को पहचान मिली, बीस जनवरी का वह पावन दिन, नव इतिहास की[...]

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टीचर्स ऑफ बिहार हमारा-एम० एस० हुसैन कैमूरी टीचर्स ऑफ बिहार हमारा-एम० एस० हुसैन कैमूरी 

0 Comments 10:08 pm

आज है , टीओबी का स्थापना दिवस  आईए हम सब मिलकर इसको मनाएं  इसी से होती है हमारी रचनाएं प्रकाशित [...]

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ऋतुराज बसंत- रत्ना प्रियाऋतुराज बसंत- रत्ना प्रिया

0 Comments 4:35 pm

प्रकृति यौवन का रूप धार, करती नित्य-नूतन श्रृंगार, सौंदर्य शिखाओं में अनंत, चहुँ ओर खिला यह दिग-दिगंत, कण-कण में उल्लास[...]

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Girindra Mohan Jha

हे भारत -गिरीन्द्र मोहन झाहे भारत -गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 11:25 pm

हे भारत ! रामायण की मर्यादा, नीति, कर्त्तव्यपरायणता तुममें, है तुझमें वेद, उपनिषद, भगवद गीता का असीम ज्ञान, विदुरनीति, नीतिशतक,[...]

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Nitu Rani

मेरा नाम गौरव कुमार है-नीतू रानीमेरा नाम गौरव कुमार है-नीतू रानी

0 Comments 1:33 pm

मैं हूँ उम्र में आपसे बहुत छोटा, लेकिन मैं हूँ आपसे कुछ मोटा। मैं जाना चाहता हूँ फौज में ,[...]

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Manu Raman Chetna

अभी खेलने के दिन अपने-मनु कुमारीअभी खेलने के दिन अपने-मनु कुमारी

0 Comments 1:16 pm

जी भरकर अभी खेल न पाई सखियों के संग मैया, मेरे ब्याहन की खातिर क्यों बेच रही तू गैया। अपने[...]

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Nitu Rani

वीर माता क्यों मजबूर हुई-नीतू रानीवीर माता क्यों मजबूर हुई-नीतू रानी

0 Comments 4:00 pm

वीर‌ माता क्यों मजबूर हुई जब उसपर अत्याचार क्रूर हुई, तभी वीर माता मजबूर हुई। वीर माता पर पुरुषों का[...]

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योगासन गीतिका :-कार्तिक कुमारयोगासन गीतिका :-कार्तिक कुमार

0 Comments 8:52 pm

पद्मासन पालथी मार, पैर जंघा पर धर, रीढ़ सीधी, नेत्र बंद कर। श्वास-प्रश्वास सम, मन हो शांत, लाभ—ध्यान बढ़े, तनाव[...]

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