घर में खिलैहअ नून रोटिया हो, बिटिया पढ़ाबअ पापाजी। स्कूल में नाम लिखैहअ हो, हमरा पढ़ाबिहअ पापा जी। पढ़ी- लिखी लेबै हम नौकरिया हो, नाम तोहर हेतअ पापा जी। पढ़ाए-…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
विद्युत प्रयोग -राम किशोर पाठक
विद्युत का करना उपयोग। बच्चों परिजन के सहयोग।। सुविधा देता हमें अनेक। इसे न समझो पर तुम नेक।। भींगे हाथों से परहेज। वरना देता झटका तेज।। कभी-कभी यह लेता प्राण।…
उमंग की सरिता-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
बसंती बयार चली, खिल गई कली-कली, *कोयल की आ गई है, फिर तरुणाई है।* चिड़ियाँ चहक रही, डालियाँ लचक रही, *बागों में महक रही, खूब अमराई है।* ऋतुओं में होता…
बिकें किताबें तौलकर-राम किशोर पाठक
बिकें किताबें तौलकर, कूड़े वाली भाव। देख साहित्य की दशा, मन में होती घाव।। पुस्तक हैं साहित्य के, लिए ज्ञान भंडार। मोबाइल में भूलकर, खोया यह संसार।। लिखते हम साहित्य…
रमजान – कुमारी रूपरानी
पाक महीना है रमजान। चलो करें आत्म शुद्धि पर ध्यान।। तरावीह की नमाज़ पढ़ कर। शुरू करो नेक और निश्चल काम।। इस पाक महीना मे कभी ना करना तुम अपमान।…
करो दाँतों की रक्षा-नीतू रानी
दंत चिकित्सक दिवस मनाइए, दाँत को चिकित्सक से दिखाइए। दंत दिवस में सभी कोई करना दाँतो की सफाई, ऐसा नहीं करने पर आपको खाना पड़ेगा दवाई। साल में कम से…
विकास पुरुष-मनु कुमारी
बिहारक जनता अखन रोई रहल छनि नयन सँ झहरैत अछि बस नीर, इस्तीफा द कऽ अहां जाइ रहल छी, हे विकास पुरुष ! बड़ देलहुं पीर। जखन अन्हार घेरने छल…
मेरा संकल्प – मोहम्मद आसिफ इकबाल
मैं सागर से भी गहरा हूँ तुम कितने पत्थर फेंकोगे ? चुन-चुनकर सारे पत्थर को मैं नई डगर बनाऊंगा, नित-नए कदम बढ़ाऊँगा, बढ़ता ही चला जाऊंगा। बोलो मेरी राहों में,…
वन्यजीवों की सुनो पुकार-नीतू रानी
विश्व वन्यजीव दिवस मनाईए, सभी वन्यजीवों को मारने से बचाइए। वन्यजीव के लिए लगाइए पेड़, रहेंगे उसमें बंदर,हाथी ,चीता और शेर। वन्यजीवों की सुरक्षा का करो प्रबंध, बनाओ उसके साथ…
अनुपम है माँ की ममता-राम किशोर पाठक
अनुपम है माँ की ममता। अद्भुत रखती तन्मयता।। अर्पित हर-पल रहती है। बच्चों का दुख हरती है।। चलना वह सिखलाती है। सतपथ वह बतलाती है।। सहकर सारी बाधाएँ। सुख देती…