मिट्टी से सुंदर रूप बनाएँ।
नई-नई कलाएँ अपनाएँ।
हाथी, घोड़ा, फूल बनाएँ।
गुड़िया, दीपक खूब सजाएँ।
छोटे-छोटे खिलौने गढ़ें।
मिलकर खुशियों के गीत पढ़ें।
हाथों में आए नई कला।
बढ़े आत्मविश्वास भला।
मेहनत का फल मीठा होता।
हर सपना सच में होता।प्र
कृति से हम प्यार करें।
मिट्टी का सत्कार करें।
मिलकर सुंदर सृजन करें।
हर दिन कुछ नया सीखें।
कला से जीवन महकाएँ।
सबके चेहरे पर मुस्कान लाएँ।
मिट्टी देती नई पहचान।
बढ़ता इससे भारत का मान।
कहते हैं कार्तिक कुमार, स्वच्छ भारत बने हमारा संसार।
टीचर्स ऑफ बिहार का बैगलेस डे पैगाम, सीखें, सृजन करें, बढ़ाएँ भारत का नाम।
रचनाकार : कार्तिक कुमार
B.P.Ed., M.A. in Yog
जिला शिक्षा पुरस्कार प्राप्त शिक्षकमध्य विद्यालय कटरमाला,
गोरौल, वैशाली (बिहार) मो.: 7004318121
ई-मेल: kartikyog.kumar@gmail.com

