Category: Shakshanik

Ram Kishore Pathak

माटी देश की शान- राम किशोर पाठक माटी देश की शान- राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:27 pm

शान माटी देश की। मान है परिवेश की।। भूख से यह त्राण दे। दिव्यता कल्याण दे।। है उगल सोना रही।[...]

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Nitu Rani

जागृति शंख बजाएँगे हम-नीतू रानीजागृति शंख बजाएँगे हम-नीतू रानी

0 Comments 7:27 pm

भारत को शिक्षित बनाएँगे हम,  बदलेंगे जमाना। शिक्षा ग्रहण करना ध्रुव सा अटल है काया की रग -रग में शिक्षा[...]

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Nitu Rani

डायरिया से डर नही-नीतू रानीडायरिया से डर नही-नीतू रानी

0 Comments 11:09 pm

डायरिया से डर नही,  अब डायरिया से कोई जाएगा मर नही। डायरिया का मतलब स्वच्छ और साफ, कभी न आएगा[...]

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मानव अब मानव न रहा- मोहम्मद आसिफ इकबाल मानव अब मानव न रहा- मोहम्मद आसिफ इकबाल 

0 Comments 11:04 pm

मानव अब मानव न रहा, ये विकराल रूप दानव का है। जानवर ने जो छोड़ दिया वही काम अब मानव[...]

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वही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमारवही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमार

0 Comments 7:54 am

जहाँ महात्मा गांँधी का महात्म्य  जहाँ वीर भगत ने रचा शौर्य का इतिहास, जहाँ बहती है गंगा की निर्मल धारा [...]

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Jainendra

बसंत का आगमन -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’बसंत का आगमन -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 5:23 am

खेतों में हरियाली शोभें सरसों-अलसी बलखाती है। ऋतुराज के स्वागत में कोयल गीत खुशी से गाती है। नव पल्लव पा[...]

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तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी 

0 Comments 10:39 pm

सारी नाउम्मीदी, उलझनों, चिंताओं को किनारे रखकर,  एक बार उठो तो सही!       पता है कि रास्ते में[...]

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बसंत की बहार- मुन्नी कुमारीबसंत की बहार- मुन्नी कुमारी

0 Comments 10:58 pm

बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 10:42 pm

भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। जो था कल तक ठोस,पिघलते देखो। बूॅंदें अटकीं ढीठ,[...]

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