Category: Shakshanik

Ram Kishore Pathak

दोहे – राम किशोर पाठकदोहे – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:29 pm

दोहे सोमेश्वर सबके सखा, सहज सुलभ संसार। संकटमोचक सम सदा, सकट सतत संहार।। भ्रमित भँवर भव-भय भुवन, भजन भाव भगवंत।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Janindra Prasad Ravi

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:23 pm

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ बाबा औघड़ दानी धतूरा के फूल गंगा जल पर रीझते हो, तभी तो औघड़[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

कैसे समझोगे तुम – बैकुंठ बिहारीकैसे समझोगे तुम – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 11:52 am

कैसे समझोगे तुम कैसे समझोगे तुम समय को, जिसने लोगों को जीना सिखाया। कैसे समझोगे तुम स्वजन को,  जिसने तुम्हारा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

सजनी अपने आप से रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’सजनी अपने आप से रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 10:19 pm

सजनी अपने आप से –  रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ ट्रेन सवारी करके सजनी, देख रही रस्ते भर सपने। आस-पास की[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

0 Comments 8:10 am

है कोटि-कोटि धन्यवाद  ऐ टीचर्स ऑफ बिहार  तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार  रचनाएं दब सी जाती थी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

अलाव-राम किशोर पाठक प्रधान शिक्षकअलाव-राम किशोर पाठक प्रधान शिक्षक

0 Comments 7:28 am

कुहासा है घना देखो, जलाने आग अब आओ। रहे हो कांँपते अबतक, जरा अब तापकर जाओ।। पता पथ का नहीं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें