शान माटी देश की। मान है परिवेश की।। भूख से यह त्राण दे। दिव्यता कल्याण दे।। है उगल सोना रही। गर्व है भरती यही।। शीश पर धारण करें। राष्ट्र का…
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जागृति शंख बजाएँगे हम-नीतू रानी
भारत को शिक्षित बनाएँगे हम, बदलेंगे जमाना। शिक्षा ग्रहण करना ध्रुव सा अटल है काया की रग -रग में शिक्षा का बल है , शिक्षा की रौशनी फैलाएँगे हम बदलेंगे…
डायरिया से डर नही-नीतू रानी
डायरिया से डर नही, अब डायरिया से कोई जाएगा मर नही। डायरिया का मतलब स्वच्छ और साफ, कभी न आएगा डायरिया का बाप। अगल- बगल की करो सफाई, न खाना…
मानव अब मानव न रहा- मोहम्मद आसिफ इकबाल
मानव अब मानव न रहा, ये विकराल रूप दानव का है। जानवर ने जो छोड़ दिया वही काम अब मानव का है। बर्ताव ऐसा करते हैं कि देखे न सुहाय,…
वही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमार
जहाँ महात्मा गांँधी का महात्म्य जहाँ वीर भगत ने रचा शौर्य का इतिहास, जहाँ बहती है गंगा की निर्मल धारा वही है भारत देश हमारा। जहाँ भगवान बुद्ध ने पाया…
बसंत का आगमन -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
खेतों में हरियाली शोभें सरसों-अलसी बलखाती है। ऋतुराज के स्वागत में कोयल गीत खुशी से गाती है। नव पल्लव पा मधुबन हंँसता कलियांँ खिलती हैं धीरे, हरे दूब पर बिछें…
तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी
सारी नाउम्मीदी, उलझनों, चिंताओं को किनारे रखकर, एक बार उठो तो सही! पता है कि रास्ते में आती हैं मुश्किलें हजार कोई बात नहीं; घबराना, रुकना या…
बसंत की बहार- मुन्नी कुमारी
बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे सारी, कोयल की कूक प्यारी। भँवरे की राग न्यारी, गीतो…
भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। जो था कल तक ठोस,पिघलते देखो। बूॅंदें अटकीं ढीठ, चमकते देखो।। सोनू मोनू दौड़,लगा कर आओ। हवा फेफड़ा फेंक,स्वस्थ…
किनारा-रूचिका
किनारों पर खड़ा होकर गहराई का अंदाजा लगा नही सकते, बिना चोट के दर्द कितना ये कहाँ कभी बता सकते। कयास ,अंदाज ,अटकलें चाहे कितना भी लगा लें बिना चखे…