जागो देश की युवक, नई क्रांति का आगाज करो। नए भारत का सृजन , अब तुम्हारे हाथों में है, कुछ[...]
Category: Shakshanik
पौधे ने माँगा पानी-उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक”पौधे ने माँगा पानी-उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक”
हवा रुक गई, ताप बढ़ गया, खेतों में दरार पड़ गया। कड़ी धूप देख मन घबराया, हरे पौधों ने आपस[...]
प्रणाम सर-कार्तिक कुमारप्रणाम सर-कार्तिक कुमार
प्रणाम सर! — खुश रहो बच्चा, जीवन में तुम आगे बढ़ना। पढ़ाई करो अच्छा-अच्छा, ज्ञान का दीपक सदा जलाना। काम[...]
सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा
नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]
मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार
मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]
सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना- चंद्रवर्त्म वर्णिक छंद गीत – राम किशोर पाठकसर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना- चंद्रवर्त्म वर्णिक छंद गीत – राम किशोर पाठक
सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना- चंद्रवर्त्म वर्णिक छंद गीत – राम किशोर पाठक विश्व-बोध नित लेकर सपना। सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना।।[...]
मेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हामेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हा
अपने आँचल में अथाह सागर समेटे, माथे पर शीतल चाँद सजाए। अपनी गोद में समस्त सृष्टि को बसाए, ओ! कोई[...]
स्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हा
स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]
समय की कीमत-बिंदु अग्रवालसमय की कीमत-बिंदु अग्रवाल
समय बड़ा ही मूल्यवान है, इसे व्यर्थ न खोना, समय पर जगना तुम सीख लो और समय पर सोना। हर[...]
