Category: Shakshanik

अट्ठाइस मोतियों की माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअट्ठाइस मोतियों की माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 3:30 pm

 चलो भारत की सैर करें, भारत माँ के हम अट्ठाइस बेटे। सब में हैं बड़े-बड़े गुण, भारतवासी सभी सुन। सबके[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

कर्तव्य और शिक्षा-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकर्तव्य और शिक्षा-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:29 pm

जल्दी-जल्दी आदत बदलो, आलस का तुम त्याग करो, नूतन पथ पर कदम बढ़ाओ, जीवन में अनुराग भरो। शिक्षा से ही[...]

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जारी रखना-संतोषी कुमारी जारी रखना-संतोषी कुमारी 

0 Comments 8:21 pm

बागों से वादों को निभाना जारी रखना, पतझड़ में भी बाग सजाना जारी रखना। पत्ते टूटें, पर शाख बचाना जारी[...]

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Rahul Kumar Ranjan

बेटियों से बदसलुकी-राहुल कुमार रंजन बेटियों से बदसलुकी-राहुल कुमार रंजन 

0 Comments 7:47 pm

बेटी को कमजोर समझना, ये कैसी सोच हमारी है? जिसके आने से घर महके, वही क्यों आज बेचारी है? बेटी[...]

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शिक्षक की पुकार-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशिक्षक की पुकार-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:04 pm

आस लगाए बैठे शिक्षक, पथ पर आँखें बिछाये हैं, कोई तो पूछे हाल हमारा, दर्द हृदय में समाए हैं। कल[...]

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हिंदी : मेरे हृदय की धड़कन-अर्जुन केशरी हिंदी : मेरे हृदय की धड़कन-अर्जुन केशरी 

0 Comments 5:16 pm

माँ के आँचल की छाँव है हिंदी, माटी की सोंधी गंध है हिंदी। पहली बोली, पहला सपना, मन की पहली[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

काल चक्र की परिभाषा-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर काल चक्र की परिभाषा-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 7:47 pm

रटते आए बचपन से हम, एएम और पीएम का क्रम। लातीनी भाषा से जन्मे, एंटी और पोस्ट मेरिडियम। दोपहर से[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

आभासी दुनिया, बिखरते रिश्ते-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर आभासी दुनिया, बिखरते रिश्ते-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 7:16 pm

रिश्तों से कोसों दूर हुए हम, आभासी गलियारों में, कैसी ये तन्हाई आई, अपनों के त्योहारों में। सामाजिक संचार का[...]

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Rakesh Kumar

आइडिया से आत्मनिर्भरता की ओर-राकेश कुमारआइडिया से आत्मनिर्भरता की ओर-राकेश कुमार

0 Comments 5:12 pm

ज्ञान-ज्योति लेकर चलें, नवयुग की यह चाल। बच्चों में हम भर रहे, नवचिंतन का ज्वाल॥ PBL का मूल है, सोचें[...]

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Rakhasan Hasmi

ताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमीताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमी

0 Comments 10:49 am

ताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमी है अंधेरों में रौशनी उम्मीद सच में होती है जिंदगी उम्मीद आस जब जब[...]

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