भारत की चुनावों में धन की है बोलबाला, पैसे से ही आज यहांँ, होती जीत- हार है। अधिकांश लोग एक जाति की ही नेता होते, कैसी भी हो छवि पर,…
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जाति-वर्ण लोकतंत्र पर भारी – राम किशोर पाठक
है लोकतंत्र की महिमा न्यारी। चलती जिससे संविधान प्यारी।। सबने बदली अब दुनियादारी। लूट रहे धन कहकर सरकारी।। लेकर सारे धन-बल की आरी। कुर्सी पाने की है तैयारी।। जनता बनती…
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठक
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठक चंद पैसों में भली वह, जिंदगी जीते हुए। आ रही है याद हमको, आज दिन बीते हुए।। बैठ चौपालें लगाकर, बात…
मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार
माँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग , पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग । मोटे अनाज देंगे हमें बल, गेहूँ, चावल भरें संबल। दाल हमें दे प्रोटीन प्यारा,…
आमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठक
आमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठक आमोद हारी मुरारी सुनो भक्त का, भक्त तेरा तुझे ही पुकारा। राधा बिहारी धरूँ ध्यान तेरी सदा,…
राष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय एकता दिवस दिवस राष्ट्रीय एकता वाला। लेकर समरसता का माला।। आओ इसकी कथा सुनाएँ। सरदार पटेल से मिलवाएँ।। जन्म दिवस उनका है आज। संघटित भारत करने का काज।।…
ऐ जिंदगी – रश्मि मिश्रा
ऐ जिंदगी जिसे तुझे जीना आ गया उसके लिए तू सरल बहुत है ,पर उनके लिए तू कठिन बहुत है, जो तेरे नखरे ना झेल पाया। ऐ जिंदगी जिसे तुझे…
बचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठक
बच्चे मिलकर जश्न मनाए। धमा चौकड़ी धूम मचाए।। अनुपम हर क्षण है जीवन का। सफर सुहाना है बचपन का।। हरपल प्यारा सबका न्यारा। लेकर खुशियों की यह धारा।।…
आओ मिश्रण को अलग करे- अवधेश कुमार
: विज्ञान कविताआओ मिश्रण को अलग करे,ये पहल सब मित्रों से करें ।क्योंकि मिश्रण में छिपा है विज्ञान ,इसमें छिपा है क्रमबद्ध विशेष ज्ञान ।जब कपूर और नमक हों संग…
जीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठक
जीवन सुंदर सरस, लगता हरपल खास। कर्म करे जो सतत, होता नहीं उदास।। हारा मन कब सफल, मन के जीते जीत। जो लेता है समझ, बदले जग की रीत।। जीत…