स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]
Category: Shakshanik
सेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हासेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हा
नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]
सप्ताह के सात दिवस-कार्तिक कुमारसप्ताह के सात दिवस-कार्तिक कुमार
Sunday – रविवार संडे रविदिन भानु प्रकाशा। जीवन भर दे ज्ञान सुपाशा॥ Monday – सोमवार मंडे सोम शशि शीतल छाया।[...]
हमारा तिरंगा -आशीष अम्बरहमारा तिरंगा -आशीष अम्बर
सब मिलकर संकल्प करें, हर घर में तिरंगा लहराये । आन , बान और शान हमारी , चारों दिशाओं में[...]
नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठकनित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठक
सर्व श्रेष्ठ वह भक्ति लहेगा। नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा। शौर्य बोध अब गौन नहीं हो। वीर-धीर तुम मौन नहीं हो।।[...]
तारे-रत्ना प्रिया तारे-रत्ना प्रिया
आसमां में कितने तारे , तारे कितने सारे , टिमटिमाकर हमें जगाते , जुग्नू लगते प्यारे । सप्तऋषियों का समूह[...]
गुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकगुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक
गुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक २११-२११-२११-२ वेद पुराण सभी कहते। ज्ञान प्रकाश वही गहते।। जो[...]
गुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठकगुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठक
गुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठक ज्ञान चक्षु जो खोलते, हरे तमस मन ताप। कर प्रशस्त पथ शिष्य का,[...]
पावस- नील/विशेषक/विश्वगति छंद गीत वर्णिक – राम किशोर पाठकपावस- नील/विशेषक/विश्वगति छंद गीत वर्णिक – राम किशोर पाठक
पावस- नील/विशेषक/विश्वगति छंद गीत वर्णिक – राम किशोर पाठक पावस में जब बूंँद धरा पर है गिरती। तृप्ति सभी कण[...]
अब उषा की, बात करनी है-राम किशोर पाठकअब उषा की, बात करनी है-राम किशोर पाठक
अब उषा की, बात करनी है- रतिरूप मात्रिक छंद गीत २५ मात्रा – राम किशोर पाठक अनुराग मन में, प्रीति[...]
