राजगुरु , सुखदेव , भगतसिंह की बलिदानी,
भारत के नवपीढी को , सुनानी है यह कहानी ।
जिसने अपने देश की खातिर दी अपनी कुर्बानी ,
जिनकी गाथा घर – घर में सुनी जाती है जुबानी ।
भारत माँ के लाल तूने फर्ज अपना अदा किया,
जान हथेली पर लेकर , दुश्मन का सीना चीर दिया ।
देश को वें आजाद करा, गहरी नींद वें सो गए,
वतन पर अपनी जान लुटा, देश के लाल शहीद हुए ।
बलिदानी तुम्हारा ये देश, कभी न भूल पाएगा ,
याद रखेगा दिल से तुमको, वन्दे मातरम् गाएगा ।
देश में तुम एक नई ऊर्जा, क्रांति के बीज बो गए,
स्वतंत्र भारत को करके, चिर निंद्रा में सो गए ।
उनकी राहों पर चलना, हम सबको सिखलायेंगे,
उनकी गाथा को याद कर, कल ये बच्चें गायेंगे ।
उनके संघर्ष की गाथा, हम सबको बतायेंगे,
नई पीढ़ी उन्हें याद कर, कहानी उनकी गुनगुनायेंगे ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार

