हमारा बिहार सबसे महान है,
इसकी सभ्यता का हमें अभिमान है ।
बुद्ध की धरती इसका परित्राण है,
चन्द्रगुप्त, चाणक्य, अशोक जिनकी पहचान है ।
जहाँ बहती गंगा की अविरल धारा है,
हिमालय सुरक्षा करता हमारा है ।
लिट्टी – चोखा की स्वाद निराली है,
धरा जहाँ की उन्नत और हरियाली है ।
बिहार संस्कारों का ज्ञाता हैं,
कर्म ही जिसका भाग्य विधाता है ।
छठ पर्व की महिमा अपरम्पार है,
सबको गले लगाना हमारा संस्कार है ।
इतिहास जहाँ की युगों पुरानी है,
मेधा बिहार की जग ने भी मानी है।
नवाचार और उन्नति देश ने भी पहचानी है।,
पाटलिपुत्र इसकी पुरातन राजधानी है।
मिथिला चित्रकला पहचान दिलाती है,
मैथिली, मगही और भोजपुरी भाषा बोली जाती है ।
त्यौहारों का लगता यहाँ मेला है,
संस्कृति और सभ्यता यहाँ का कितना अलबेला है।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार

