पद्यपंकज sandeshparak,Shakshanik आइडिया से आत्मनिर्भरता की ओर-राकेश कुमार

आइडिया से आत्मनिर्भरता की ओर-राकेश कुमार


rakesh

ज्ञान-ज्योति लेकर चलें, नवयुग की यह चाल।

बच्चों में हम भर रहे, नवचिंतन का ज्वाल॥

PBL का मूल है, सोचें बच्चे आज।

खुद पहचानें समस्या, खुद खोजें उपचार॥

तैयार उत्तर मत धरें, मत थोपें समाधान।

बच्चे खुद प्रश्नों से, रचें नई उड़ान॥

क्यों पानी व्यर्थ बह रहा, सोचें बच्चे आज।

कहाँ-कहाँ है बर्बादी, खोजें उसका राज॥

देखें, पूछें, तथ्य लें, कारण करें विचार।

फिर अपने विद्यालय में, खोजें सही उपचार॥

AI आया साथ में, लेकर ज्ञान अपार।

ChatGPT, Gemini, Copilot, बनें सहायक चार॥

AI से उत्तर मत लो, उससे खोजो राह।

प्रश्न करो और जाँच लो, यही सीख की चाह॥

Prompt लिखे जब बालमन, खुल जाए संसार।

एक नहीं, सौ सोच मिलें, बढ़े सृजन-विचार॥

मिले अनेक विचार जब, बच्चा करे चुनाव।

अपने संदर्भ में परखकर, खोजे सही उपाय॥

AI जो कहता मान मत, तर्क करो हर बार।

सत्यापन के बाद ही, स्वीकारो विचार॥

मॉडल गढ़े, prototype, फिर उसका परीक्षण।

गलती से भी सीखकर, सुधरे हर निर्माण॥

सोच बढ़े, सृजन जगे, जागे नव-आविष्कार।

समस्या से समाधान तक, पहुँचे बाल-विचार॥

Critical Thinking जगे, Creativity मुस्काए।

Problem Solving के पंख से, बच्चा आगे जाए॥

Communication साथ हो, Collaboration ज्ञान।

Self-learning की शक्ति से, बढ़े स्वयं सम्मान॥

शिक्षक केवल राह दें, मंजिल बच्चे पाएँ।

तैयार परियोजना नहीं, अवसर उन्हें दिलाएँ॥

Prompt लिखाएँ, प्रश्न दें, सोचें बारंबार।

AI के उत्तर पर रखें, अपना भी अधिकार॥

नकल नहीं, निर्माण हो, मौलिक हो विचार।

AI केवल साधन रहे, बच्चा हो कर्ताधार॥

आज नहीं तो कल उन्हें, मिलें नई चुनौतियाँ।

जो खुद सीखना जानता, जीते नई परिस्थितियाँ॥

“AI क्या कर सकता?” नहीं, यह प्रश्न रहे महान।

“मैं AI से क्या करूँ?”—बढ़े यही अरमान॥

PBL दे समस्या से, समाधान की राह।

AI उसमें गति भरे, बढ़े सीखने की चाह॥

AI साधन मात्र है, मानव सोच प्रधान।

विवेक, मूल्य, सृजन से, हो शिक्षा महान॥

मशीन न बन पाए कभी, मानव-बुद्धि की छाँव।

तकनीक बने सहयोगिनी, मानव रहे प्रधान॥

खुद समस्या पहचानकर, खुद Prompt बनाए।

खुद solution, खुद prototype, खुद परीक्षण कर पाए॥

तब Project केवल नहीं, जीवन का अभ्यास।

आत्मविश्वास जगाए जो, वही सच्चा विकास॥

आइडिया से आत्मनिर्भर, बच्चे हों तैयार।

मानव-बुद्धि और AI, रचें नया संसार॥

AI से काम करवाना, लक्ष्य हमारा न हो।

AI की सहायता लेकर, बच्चा सक्षम हो॥

सोच स्वयं की, साधन AI, अपनी रहे उड़ान।

PBL से आत्मनिर्भर, हो भारत की संतान॥

आओ मिलकर प्रण करें, शिक्षा हो सशक्त।

हर बच्चा खुद सीख सके, हो चिंतन में रक्त॥

आइडिया से आत्मनिर्भर, यही हमारा मान।

बच्चे खुद समाधान रचें—यही श्रेष्ठ अभियान॥

राकेश कुमार

    विज्ञान शिक्षक

मध्य विद्यालय, अमौना

प्रखंड-फारबिसगंज, जिला-अररिया

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