चिड़िया रानी
चिड़िया रानी।
मेरे घर भी ,
आओ ना ।
यहां पड़े हैं ,
दाना पानी ।
आकर इनको ,
खाओ ना ।
चिड़िया रानी
चिड़िया रानी ।
मेरे घर भी ,
आओ ना ।
क्यों ?दिन भर,
उड़ती रहती हो ।
आकर जरा ,
सुस्ताओ ना ।
चिड़िया रानी
चिड़िया रानी।
मेरे घर भी,
आओ ना ।
रंग-बिरंगे ,
पंख तुम्हारे ।
मुझको पंख ,
लगाओ ना ।
चिड़िया रानी
चिड़िया रानी ।
मेरे घर भी ,
आओ ना ।
आसमान से ,
बातें करते।
मुझको संग ,
उड़ाओ ना ।
चिड़िया रानी
चिड़िया रानी ।
मेरे घर भी ,
आओ ना ।
प्रियंका कुमारी पाण्डेय
प्रधान शिक्षिका
प्रा•वि• तारानरहवाॅ (बालक)
कुचायकोट, गोपालगंज

