कुत्ते पाल रहे-नीतू रानी

Nitu Rani

लोग माता -पिता को अपने घर में दुत्कार रहे ,

खरीद कर लाए शौक से कुत्ते पाल रहे।

माता- पिता को समय पर नही देते खाना,

कुत्ते को अच्छा खाना मिलता रोजाना।

माता -पिता को टूटे घर में बिछावन,

कुत्ते को सोफ़ा पर रोज पावन।

माता -पिता बिछावन पर रहे बीमार,

कुत्ते के लिए एक से एक उपचार।

माता- पिता को भूखे पर देता बात लात,

कुत्ते को माँस पर माँस दूध भात।

माता- पिता को रखता घर में बंद,

कुत्ते को रोज घुमाने का प्रबंध।

कुत्ते को रोज कराता स्नान,

माता -पिता पर कभी न देता ध्यान।

कुत्ते को पहनाता नया साफ कपड़ा,

माता- पिता का कपड़ा गंदा चिथड़ा।

कुत्ते को रोज सुबह शाम चाय बिस्कुट,

माता- पिता को गर्म पानी भी न मिलता दो घूँट।

कुत्ते को घुमाने के लिए मोटरकार,

माता- पिता घर का खड़ा दीवार।

ऐसा कभी न करना भैया पाप,

जो माता- पिता का मिले तुझे श्राप।

सुबह उठ माता- पिता को करो प्रणाम,

सदा खुश रहेंगे सभी भगवान।

नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका, स्वरचित माता पिता पर कविता।

स्कूल – म०वि०रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार

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