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क्या यही है नवरात्रि का त्योहार – नीतू रानी
क्या यही है नवरात्रि का त्योहार
जिस त्योहार में माँ दुर्गे की प्रतिमा बनाकर,
पूजते हो हर बार
क्या यही है नवरात्रि का त्योहार।
दस दिनों तक माँदुर्गे कीकरते जय- जय कार
दस दिन बाद माँ की प्रतिमा को
फेंकने जाते नदी मझधार
क्या यही है नवरात्रि का त्योहार।
पैसा देकर मूर्ति बनवाते
रंग साज -सज्जा से उसे सजाते
पंडाल सजवाते मेला लगवाते,
करोड़ों -करोड़ खर्च करवाते।
लाखों की संख्या में लोग हैं आते
माँ दुर्गे की जय जयकार लगाते,
पंडित बुलवाते वेद पढ़वाते
प्रसाद चढ़ाकर भोग लगवाते।
छोटी कन्या छोटे भैरव भैया को
दस दिन अपने घर में खिलवाते,
नौ दिन तक नवरात्रि करके
रखते हो उपवास
क्या यही है नवरात्रि का त्योहार।
गंदा पानी में जब माँ दुर्गा भँसती
हृदय तल वो बहुत हैं रोती,
ऐसी विदाई किया माँ का
कैसे होगा तेरा उद्धार
क्या यही है नवरात्रि का त्योहार।
नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ, बिहार।

