14 फ़रवरी का दिन था, दर्द भरी वह घड़ी आई, पुलवामा की धरती रो पड़ी, जब वीरों पर आफ़त छाई। चलते थे काफिले वीर जवान, दिल में देश का मान…
ऊँ कृष्णाय नमः-एस.के.पूनम
💐रुद्राणी संग त्रिलोचन ने💐 (1) तिलक चंदन लगे मस्तक, जटाधारी सदा राजे। विराजीं शीश पर गंगा, सुधाकर माथ पर साजे। कलेवर है अघोरी-सा, न गौरी छोड़ कर भागी। जगत सारे…
शिव-शक्ति-रत्ना प्रिया
कल्याण करते हैं जगत् का शिव आदिदेव अनंत हैं परब्रह्म हैं, परमेश्वर हैं अनुप्राणित दिग्-दिगंत हैं । शिव गंड्ग की महिमा निराली गौरा के प्रियवंत हैं युगों-युगों से इक-दूजे के …
जल ही जीवन है-आशीष अम्बर
जल से ही तो है जीवन, जल से ही तो यह धरती हैं । उपयोग करें हम सूझबूझ से, व्यर्थ न इसका उपभोग करें । गर्मी में जब उड़ जाता…
भोलेनाथ हो-राम किशोर पाठक
लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो। है हैरत में दुनिया सारी, अद्भुत रूप निहारी, शशिधर माथ हो।। भूत-प्रेत सब नाच रहे हैं, सुरगण सजकर धाए। हाथी…
शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
क्षितिज लालिमा की झलक,संपूरित उल्लास। नभचर थलचर चेतना,भरतीं हैं हुल्लास।। सारी सृष्टि सजी-धजी,निकलेगी बारात। गाजे-बाजे में खिले,दानव-मानव जात।। जय-जय हे शिव-पार्वती,मिटें दिलों की स्याह। उन्मत उत्सव दिव्यता,दिखा रही शुभ राह।।…
हौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठक
पा जाते हर लक्ष्य हम, बिना किसी व्यवधान। मन लेता है जब वहाँ, हौसलों की उड़ान।। बाधाओं को चीर कर, करते रहिए नृत्य। हो जाता उनका सफल, सहज सदा हर…
फागुन-राम किशोर पाठक
अन्न भरा खेतों में, मन को भाया है। हलचल अब रेतों में, फागुन आया है।। सरसों पीली फूले, मस्ती से झूमे। पाकर खिलती कलियाँ, भौरों ने चूमे।। मादक हुई हवाएँ,…
मन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारी
मन की वीणा के तार कसे, अब नए सुरों की बात करें। डर और संशय दूर हटाएँ, खुद पर फिर विश्वास करें। सपनों को फिर जागृत करें, हिम्मत को फिर…
*गुरु-शिष्य महिमा*
गुरु-शिष्य महिमा गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना। भद्रबाहु से शिक्षा पाकर, प्रियदर्शी अशोक बना; विश्वभर में…