ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’   पूर्व प्रभात बेला में बड़ी दुखद खबर मिली कि दर्वे ग्राम के प्रधान शिक्षक अशोक कुमार मेरे प्रिय शिष्य का…

दोहा – राम किशोर पाठक

 दोहा  – राम किशोर पाठक दोहे छाया पति मार्तण्ड का, स्वागत करती भोर। पक्षीगण गायन करें, नृत्य करे वन मोर।। सप्तवर्ण आभा लिए, प्रकट हुए संसार। देख तेज डरकर तिमिर,…

बसंत -डॉ अजय कुमार

बसंत आम के पेड़ पर छाए बौड़़ चर- अचर नाचें चहूँ ओर सुरभित भए दिग- दिगंत सखि, यही तो है बसंत! रे अलि! आया बसंत! सिसिर का सुनापन है भागा…

दोहे रामकिशोर पाठक

दोहे सकल सृष्टि में कर्म के, फल का बना विधान। जिसका पालन का सदा, रखते शनि हैं ध्यान।। जिसने जैसा है किया, उसे वही हो प्राप्त। न्याय व्यवस्था शनि किए,…

आकाश बाल कविता -रामकिशोर पाठक

आकाश- बाल कविता अम्मा कहती हैं मुझे, छूना है आकाश। मेरे सारे कार्य पर, देती है शाबाश।। हर्षित होकर मैं सदा, करता अपना काम। मीठी बोली से सदा, माँ लेती…

बगुला नीतू रानी

विषय -बगुला। शीर्षक -आटा से बना मेरा बगुला। आटा से बना ये बगुला, देखने में लंबा और पतला। दिन भर देखता रहता पानी, खाता रहता मछली रानी। घर इसका बरगद,…

मैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य तप का राही, वसुधा से अज्ञान मिटाने वाला हूँ। इस…

मैं हूं शिक्षक डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

मैं हूं शिक्षक मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य तप का राही, वसुधा से अज्ञान मिटाने…

छुट्टियों की खुशियां मृत्युंजय कुमार

छुट्टियों की खुशियाँ… छुट्टियों के दिन आए हैं, बच्चों में खुशियाँ छाई हैं। मौज-मस्ती खूब करेंगे, नहीं किसी से तनिक डरेंगे। रोज़-रोज़ जाते हैं स्कूल, स्कूल को कह सकते हैं…