खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी है। आसरा पास बैठी है।। दर्द होने नहीं देती। मात रोने नहीं देती।। दौड़ती वो सदा आती।…
चिंता है रहती -रामकिशोर पाठक
चिंता है रहती- महा-शशिवदना छंद गीत दुख की सब गाथा, औरों से कहती। धन दौलत की, चिंता है रहती।। राम नाम जपिए, याद उन्हें करिए।। नेह प्रेम सबसे, चित में…
राम राम गाइए रामकिशोर पाठक
राम-राम गाइए- अनामिका छंद आप जो बता रहे। साथ में खता कहे।। रोष क्यों सदा गहे। दोष को यहाँ सहे।। आप तो उदार हैं। सत्य का विचार हैं।। भूल का…
पंछी -रामपाल प्रसाद सिंह
दो पंछी क्यों विवश हुए हैं,बाहर जाने को। अपने हुए पराए मतलब,है समझाने को।। जीवन का हर पल सुखमय जब,तूने पाए थे। रहते संग परिवार में सबको,सुख पहुॅंचाए थे।। अब…
स्कूल चलें हम- बाल कविता
स्कूल चलें हम- बाल कविता शाला में सिखलाया जाता। खेल-कूद करवाया जाता।। खाने को भी मिलता सबको। प्यार सदा ही मिलता सबको।। फिर मुझको क्या होगा गम। क्योंकर होगी आँखें…
संपूर्ण ज्ञान अश्मजा प्रियदर्शिनी
संपूर्ण ज्ञान प्रदाता पुस्तक है सरस्वती समान। यह सर्वश्रेष्ठ पर प्रदर्शक विज्ञता जीवन में प्रधान। शास्वत जग ब्रह्मांड का विवरण देता है, कालचक्र की समस्त घटना का मान्य करता बखान।…
श्यामली सूरत – जैनेंद्र प्रसाद रवि
श्यामली सूरत मनहरण घनाक्षरी छंद गगन सा श्याम वर्ण- सुध बुध खोया देख, चैन को चुराती तेरी, श्यामली सूरत है। मुरली तो अधरों से करता है अठखेली, दिल को लुभाती…
आह -बैकुंठ बिहारी
आह पल पल प्रत्येक हृदय से निकलती आह, कभी कुछ पाने की आह, कभी कुछ खोने की आह, कभी स्वार्थ सिद्धि की आह, कभी परार्थ सिद्धि की आह, कभी विश्वास…
वाणी -रामकिशोर पाठक
वाणी- दोहे वाणी सबसे बोलिये, हर-पल सुंदर सत्य। मन को जो शीतल करे, सन्मुख रखकर तथ्य।। मधुर सरस वाणी सहज, रख-कर सुंदर सोच। व्यक्त करें शुभ भाव नित, भरे न…
दुआएं भी असर करता… एस.के. पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏विधा:-विधाता छंद।(दुआएं भी असर करता) चली ठंडी हवा साथी,रहें छुपकर निलय में ही। दिवाकर राह मोड़े हैं,गगनचर भी शरण में ही। रहे खुशहाल हर पल वह,ढका निर्धन गरम …