मित्रता रूपी कमल हैं खिलते मित्रता की भी अलग जुबानी , बोले समयानुसार कटु मृदु बानी। कटु बानी भी मित्र[...]
कलम का सिपाही- मुक्तक – राम किशोर पाठककलम का सिपाही- मुक्तक – राम किशोर पाठक
कलम का सिपाही- मुक्तक कलम का कोई सिपाही है कहा। मुफलिसी आटा गिला करता रहा।। चाँद तारे रौशनी करते रहें।[...]
बाल गीत (सुंदर धूप में)बाल गीत (सुंदर धूप में)
गीतिका छंद सृष्टि सुंदर धूप में। बाल भोलेनाथ ऐसे, रूप दिखला दें कहीं। धन्य प्राणी मान ले वो,कामना अरु कुछ[...]
मित्रता जीवन की अनमोल निधि – अमरनाथ त्रिवेदीमित्रता जीवन की अनमोल निधि – अमरनाथ त्रिवेदी
मित्रता जीवन की अनमोल निधि मित्रता जीवन की अनमोल निधि है , यह एक दूसरे से जुड़ने की विधि है[...]
जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठकजिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत आँख खोलकर इस भूतल पर, ज्यों हमने मुस्काया है। रिश्ते नाते हमने[...]
मित्र – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मित्र – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
मित्र! मित्र सरल है मित्र सहज है, मित्र पीयूष अनुराग परम है। मित्र हैं दिल के राज सारथी, तपिश में[...]
दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
दोहावली “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” बहें भावना में नहीं, कभी सहजता भाव। हीन कलुषता त्याग कर, बनें कर्म की नाव।।०१ भावों में भीगें[...]
सपने को साकार करें हम – अमरनाथ त्रिवेदीसपने को साकार करें हम – अमरनाथ त्रिवेदी
सपने को साकार करें हम गलत बातों में कभी नहीं पड़ेंगे, अपने सपने को साकार करेंगे । हर पल चिता[...]
बचपन अपना – प्रहरणकलिका छंद – राम किशोर पाठकबचपन अपना – प्रहरणकलिका छंद – राम किशोर पाठक
बचपन अपना – प्रहरणकलिका छंद हरपल सबसे मिलकर कहते। हम-सब अपने बनकर रहते।। बरबस कुछ भी कब हम करते। सुरभित[...]
पहचान बचा कर रख लेनापहचान बचा कर रख लेना
खोते जीवन की कुछ तो पहचान बचा कर रख लेना । प्रेम दया अपनत्व और ईमान बचाकर रख लेना।। आने[...]
